उदयपुर, 22 जुलाई। जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया, जिसमें सभी उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण अभियान “हरियाळो राजस्थान“ की प्रगति, तीज कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समायोजन संतृप्तता शिविरों की प्रगति तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
38 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य-जिला कलक्टर श्री मेहता ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण अभियान “हरियाळो राजस्थान“ के तहत लगभग 38 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से लगभग 23 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। सभी विभागों से 24 से 27 जुलाई तक ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर पौधरोपण को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।
श्री मेहता ने विभागवार पौधरोपण के आवंटित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए पौधरोपण और जियो टैगिंग की गति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी विभागों को कार्ययोजना बनाकर 24 से 27 जुलाई तक पौधरोपण का लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सभी ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर पौधरोपण की अच्छी फोटोग्राफी और प्रॉपर जियो टैगिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया।
वित्तीय समायोजन संतृप्तता शिविरों की जानी प्रगति-बैठक में 1 से 31 जुलाई 2025 तक चल रहे सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समायोजन संतृप्तता शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में वर्तमान में 13 लाख जनधन खाता धारक हैं और 5 लाख नए जनधन खाते खोले जाने का लक्ष्य है।
श्री मेहता ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (जिसमें 20 रुपये में 2 लाख का बीमा मिल रहा है) के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक और प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय के साथ शिविरों में अधिक से अधिक लोगों का वित्तीय समावेशन करने और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने का आग्रह किया। शिविरों में डॉर्मेंट खातों की केवाईसी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इस अभियान की हर हफ्ते समीक्षा की जाएगी।
मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर चर्चा-जिला कलक्टर ने जिले में मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर एंटी-लार्वा गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शनिवार को राजकीय कार्यालयों में अभियान चलाकर छतों पर एकत्रित पानी के भराव को हटाया जाए। कूलर, कबाड़ और कार्यालय परिसर में कहीं भी पानी इकट्ठा न होने देने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
आशा और एएनएम कार्यकर्ता घर-घर जाकर मच्छर जनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। जिला कलक्टर ने डेंगू के मामलों को लेकर सतर्क बरतने पर जोर दिया। अगले चार दिनों तक शहर में सघन फॉगिंग करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि रोकथाम इलाज से बेहतर है। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र में फॉगिंग करवाएं और घरों, राजकीय कार्यालयों में पानी इकट्ठा न होने दें, क्योंकि इससे मच्छर पैदा होने और बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) दीपेंद्र सिंह राठौड़, जिला परिषद सीईओ रिया डाबी, प्रशिक्षु आईएएस सृष्टि डबास सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
