आर.एस.एस वीर सावरकार देवेन्द्र धाम शाखा ने मनाया रक्षा बंधन उत्सव
उदयपुर। हम वो है जो थोड़े में खुश हो जाते है, हमे खुद से ज्यादा औरों की खुशीयाँ पसंद है, अहिंसा और शांति हमारा आदर्श है मगर कोई हमारी अस्मिता से खेलने लगे तो हम भारतीय है उसके अस्तित्व पर ही सवालिया निशान लगा देते हैं। हिंदुत्व धर्म नहीं जो आरोपित किया जाए यह संस्कार है। यह बात मुनि सुरेश कुमार के सहवर्ती मुनि सम्बोध कुमार ‘मेघांश’ ने आर.एस.एस. वीर सावरकर नगर द्वार आयोजित व रक्षाबंधन उत्सव को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा- अपना-अपना धर्म निभाते हुए हम औरों के सम्मान और आदर्श की रक्षा करे यही रक्षा बंधन की प्रेरणा है। मुनि महाप्रज्ञ विहार में
– आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होने कहा देश की बेटियो और बहनो की रक्षा का संकल्प रक्षा बंधन का उद्देश्य है।
-मुनि सिद्धप्रज्ञ ने भारतीय संस्कृति सुर्योदय की संस्कृति है। 32500 देशों मे से केवल भारत ही आर्य देश है जहा तीर्थकरों का जन्म होता है। जो हिन्दुस्तान में रहता है वह हिंदु है, हम अपनी संस्कृति को जीवंत रखे तो फिर से हम अपने विश्व गुरु की पहचान हासिल कर सकेंगे।
संघ सह प्रांत प्रचारक मुरली शर्मा यह भारतीय शक्ति का जादू है कि जो दुनिया नहीं कर पाई वह भारत ने कर दिया, अब चांद से सूर्य की और प्रयाण करने हेतु प्रतिबद्ध है। गौरवमय इतिहास रचने की अब हमारी बारी है। वैश्विक जगत में भारत सर्वांगीण दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ है। जाती, भाषावाद ने भारत की पहचाना को छोटी कर दी। 84 लाख वर्ष किलोमिटर का भारत अब अपने 50 लाख वर्ग खो चुके है,जरूरत है हम भारतीय जागे। अंत में उन्होने कवन्तों विश्वमार्यम गीत प्रस्तुत कर राष्ट्र भक्ति का जज्बा पैदा किया।
इस मौके विभाग संचालक हेमेन्द्र श्रीमाली भी उपस्थित थे मंच संचालन महेश सियाल ने किया।
