विद्यापीठ में पेटेंट व डिज़ाईन की जागरूकता विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन
उदयपुर / 12.04.2023 / भारत सरकार के वाणिज्यिक मंत्रालय के राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान, भारतीय पेटेंट कार्यालय व जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ की संघटक इकाई लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में पेटेंट व डिज़ाईन की जागरूकता विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। वेबिनार में कुलपति प्रो. कर्नल एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि आज के समय में बौद्धिक संपदा अधिकार की आवश्यकता एक उच्च स्तर की मनोवैज्ञानिक, तकनीकी, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, तथा सामाजिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बौद्धिक संपदा अधिकार हमारे देश और समाज के लिए भी आवश्यक होता है। यह हमें अपने देश में अपने विचारों को व्यक्त करने की अनुमति देता है जिससे देश के विकास में मदद मिलती है। उच्च शिक्षा में बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण करने की बहुत आवश्यकता है। इस कार्यक्रम में प्रदत्त विशेष जानकारी सभी अवश्य एकत्र करें।
प्रारम्भ में स्वागत करते हुए प्राचार्या डॉ. सरोज गर्ग ने कहा कि भारत सरकार के इस मिशन का उद्देश्य बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों में आईपी फाइलिंग का एक सिस्टम स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बौद्धिक संपदा अधिकार के बारे में जानने का उत्तम अवसर है। भारत सरकार की पहल से राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन “आज़ादी का अमृत महोत्सव” के अंतर्गत आयोजित किया गया है।
विद्यापीठ के केन्द्रीय कार्यालय की ओर से ऑनलाइन कार्यशाला का समन्वयन डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने किया, लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की ओर से समन्वयन डॉ. रचना राठौड़, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. अमी राठौड़ व डॉ. सुनीता मुर्डिया ने किया।
मुख्य वक्ता भारतीय पेटेंट कार्यालय की परीक्षक नेकिता कुमारी ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, डिज़ाइन आदि की जानकारी चित्रों व उदाहरणों के जरिए दी। इसके साथ उनके दैनिक जीवन पर प्रभाव को भी उन्होंने विस्तार से समझाया। उन्होंने बौद्धिक संपदा के महत्व व नवाचारों को आईपीआर द्वारा दिए जा सकने वाले सहयोग के बारे में जानकारी प्रदान की।
संचालन व धन्यवाद उद्बोधन डॉ. रचना राठौड़ ने दिया। तकनीकी संचालन डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी व सहयोग विकास डांगी ने किया। इस ऑनलाइन कार्यशाला में सम्पूर्ण भारत से अकादमिक व गैर-अकादमिक कार्यकर्ता व विद्यार्थी थे। ऑनलाइन कार्यशाला में देशभर के प्रतिभागियों सहित विद्यापीठ के डीन-डायरेक्टर, कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित थे।
विद्यापीठ में शोध को बढ़ावा दिया जाता रहा है और जाता रहेगा – प्रो. सारंगदेवोत
