देश के अकादमिक इतिहास का अनूठा निर्णय लेगा मूर्त रूप
एक साथ तीन वर्षों के पुरस्कारों का करेगी वितरण
उदयपुर, 23 सितंबर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के निर्देशानुसार देश के अकादमिक इतिहास में लिए गए निर्णय अनुसार एक साथ तीन वर्षों के बकाया पुरस्कारों की घोषणा आगामी 25 सितंबर को मूर्त रूप लेगी जब राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा इन पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा।
राजस्थान साहित्य अकादमी के सचिव डॉ बसंत सिंह सोलंकी ने बताया कि अकादमी द्वारा 25 सितंबर को सुबह 11 बजे हिरण मगरी सेक्टर 4 स्थित अकादमी सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध गांधीवादी चिंतक डॉ कुमार प्रशांत होंगे। अध्यक्षता अकादमी अध्यक्ष डॉ दुलाराम सहारण करेंगे। इस मौके पर प्रख्यात साहित्यकार डॉ लीलाधर मंडलोई बतौर अतिथि मौजूद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि अगस्त, 2022 में ही कार्यभार संभालने वाले अकादमी के युवा अध्यक्ष डॉ दुलाराम सहारण की पहल से मुख्यमंत्री तथा कला व साहित्य मंत्री की स्वीकृति पर 24 जुलाई, 2023 को ही अकादमी संचालिका की बैठक में अनुमोदन पश्चात इन पुरस्कारों की घोषणा की गई थी।
सरकार का ऐतिहासिक निर्णय: सहारण
अकादमी अध्यक्ष डॉ दुलाराम सहारण ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रांत के साहित्य को प्रोत्साहित, सम्मानित और संवर्धित करने के लिए स्थापित स्वायत्तशासी संस्थान राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर ने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत व कला, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री डॉ बी.डी. कल्ला ने वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 के बकाया पुरस्कारों को देने की स्वीकृति प्रदान की थी और उस स्वीकृति के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया में आवेदन मांगे और प्राप्त प्रविष्ठियों का मूल्यांकन कर उक्त पुरस्कार घोषित किए गए हैं। देश के अकादमिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि गत वर्षों के बकाया पुरस्कारों की सरकार की स्वीकृति के बाद किसी अकादमी ने घोषणा की है, वरना अध्यक्षविहीन काल के पुरस्कार सदैव लंबित ही रह जाते थे। सहारण ने बताया कि विभिन्न वर्ग में तीन साल के कुल 24 पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा।
राजस्थान साहित्य अकादमी का पुरस्कार वितरण समारोह 25 को
