जयपुर, 19 जुलाई। विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री शांति कुमार धारीवाल ने कहा कि राज्य सरकार जन सामान्य के प्रति राज्य की विधिक प्रणाली को अधिक सुगम बनाने तथा इसमें सुधार करने लिए निरन्तर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से राजस्थान विधियां निरसन विधेयक -2023 लाया गया है जिसके माध्यम से अप्रचलित एवं अनावश्यक 133 अधिनियमों को निरसित किया जाएगा।
धारीवाल बुधवार को विधान सभा में राजस्थान विधियां निरसन विधेयक -2023 पर हुई चर्चा के बाद जवाब दे रहे थे। इससे पहले श्री धारीवाल ने विधेयक को सदन में प्रस्तुत किया तथा चर्चा के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधि मंत्री ने कहा कि अप्रचलित एवं अनावश्यक कानूनों के निरसन की एक सतत प्रक्रिया रही है। इससे पूर्व भी चार बार इसी तरह की प्रक्रिया द्वारा कई कानूनों को निरसित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि निरसित होने वाले अधिनियमों से मूल एक्ट की भावना प्रभावित नहीं होती है, क्योंकि जिस उद्देश्य से ये अधिनियम या संशोधन लाये गये थे वे पूरे हो चुके हैं।
विधि मंत्री ने बताया कि ऐसी विधियों के पुनर्विलोकन के लिए सदस्यों की समिति गठित कर इस दिशा में पहल की गई थी। समिति ने समस्त प्रशासनिक विभागों से परामर्श कर ऐसे मूल अधिनियमों एवं संशोधी अधिनियमों की पहचान की जो सुसंगत नहीं हैं तथा जिन्हें निरसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित प्रशासनिक विभागों द्वारा अधिनियमों का स्वयं के स्तर पर परीक्षण भी किया गया तथा इस परीक्षण के बाद विभागों की सहमति के पश्चात् ही 133 अधिनियमों को निरसित किया जा रहा है।
इससे पहले विधेयक को जनमत जानने के लिए परिचालित करने के प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।
