उदयपुर। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के जीवंत संगम का साक्षी बने बाड़मेर में आयोजित ‘वीणा महोत्सव’ में मेवाड़ की ओर से ’राहडा फाउंडेशन’ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए मेवाड़ी संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। रुमा देवी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य महोत्सव में मारवाड़ और मेवाड़ की सांस्कृतिक एवं संगीत परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया।
विशेष उल्लेखनीय है कि रुमा देवी फाउंडेशन की ओर से मेवाड़ क्षेत्र से राहडा फाउंडेशन को इस महोत्सव में भागीदारी हेतु विशेष आमंत्रण प्रदान किया गया था, जिस पर फाउंडेशन के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
राहडा फाउंडेशन की ओर से संस्थापक अर्चना सिंह चारण सहित अन्य सदस्यों ने इस महोत्सव में भाग लेकर मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया, जिससे मेवाड़ की सांस्कृतिक गरिमा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इस अवसर पर अर्चना सिंह चारण ने अपने उद्बोधन में कहा कि वीणा और वाणी महोत्सव में राजस्थान की आत्मा को सजीव होते देखा, जहां संस्कृति, कला और भक्ति का अद्भुत संगम था। उन्होंने कहा कि राजस्थान केवल एक प्रदेश नहीं, बल्कि कला और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह वह पावन भूमि है, जहां नरसी मेहता, ईसरदासजी, मीरा, रैदास, कबीर और कुम्भानदास’’ जैसे संतों की वाणी आज भी जन-जन में गूंजती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि मारवाड़ और मेवाड़ की परंपराओं को जोड़ने वाला सेतु है, जो आपसी सौहार्द, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और एकता का संदेश देता है। राहडा फाउंडेशन की इस सहभागिता ने न केवल मेवाड़ की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त किया, बल्कि राजस्थान की विविध सांस्कृतिक धाराओं को एक मंच पर लाकर एकता में विविधता के भाव को भी साकार किया।
राहडा फाउंडेशन ने ‘वीणा महोत्सव’ में किया मेवाड़ की संस्कृति का प्रतिनिधित्व
