मां की हत्या के बाद मासूम बच्चों पर संकट, राहडा फाउंडेशन ने निभाया मानवीय दायित्व

-सीडब्ल्यूसी की सूचना पर राहडा फाउंडेशन प्रतिनिधि पहुंचे गांव, राशन उपलब्ध करवाया
उदयपुर। उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र के काछबा गांव में घटित एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पिछले दिनों एक महिला की उसके ही पति द्वारा हत्या कर दी गई, जिसके बाद आरोपी पति फरार हो गया। इस अमानवीय घटना के बाद मृतका के नौ मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं।
इन बच्चों में से आठ बच्चे फिलहाल अपनी नानी के पास रह रहे हैं, जबकि एक बच्चा आरोपी पिता के साथ लापता है, जिसकी चिंता सभी को सता रही है। मां की मौत और पिता के फरार हो जाने के बाद बच्चों का जीवन अंधकारमय हो गया है। बच्चों की नानी की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है, उनके पास न तो पर्याप्त भोजन की व्यवस्था थी और न ही बच्चों की अन्य बुनियादी जरूरतें पूरी करने के साधन।
हाल ही में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से यह संवेदनशील जानकारी राहडा फाउंडेशन की संस्थापक अर्चना सिंह चारण को प्राप्त हुई। सीडब्ल्यूसी द्वारा राहडा फाउंडेशन को इस मामले में वस्तुस्थिति की जानकारी जुटाने और आवश्यक मानवीय सहयोग के लिए कहा गया। सूचना मिलते ही राहडा फाउंडेशन ने संवेदनशीलता और मानवीय कर्तव्य का परिचय देते हुए त्वरित पहल की। बच्चों और उनकी नानी की दयनीय स्थिति को देखते हुए फाउंडेशन द्वारा राशन तत्काल उपलब्ध कराया गया, ताकि इस कठिन समय में बच्चों को भूख और अभाव का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, बच्चों से जुड़ी समस्त जानकारी, तथ्यों और आवश्यक विवरण को सीडब्ल्यूसी एवं बाल अधिकारिता विभाग को सौंप दिया गया है, ताकि आगे बच्चों के संरक्षण, देखरेख और भविष्य से जुड़ी आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
राहडा फाउंडेशन की अर्चना सिंह चारण ने कहा कि यह घटना केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि उन मासूम चेहरों की पीड़ा है, जिनका बचपन एक ही झटके में छिन गया। फाउंडेशन ने समाज और प्रशासन से भी अपील की है कि ऐसे पीड़ित बच्चों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य के लिए सभी मिलकर संवेदनशीलता के साथ आगे आएं।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!