44 डिग्री में पहाड़ी पर बुलाकर लगवाई 300 उठक- बैठक
50 से ज्यादा स्टूडेण्ट्स हुई रैगिंग
रैगिंग लेन वाले 7 छात्रा को प्रिंसिपल ने किया स्पेंड
डूंगरपुर,26 जून (ब्यूरो)। डूंगरपुर शिक्षण संस्थाओं में रैगिंग करना अपराध है। पर इसके बावजूद डूंगरपुर जिले के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग करना सीनियर स्टूडेण्ट्स के लिए आम बात हो गई है। जिले के मेडिकल कॉलेज में पिछले दिनों सीनियर्स स्टूडेण्ट्स की ओर से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ मानवीय हदों को पार कर रेगिंग करने का मामला सामने आया है। रैगिंग पीड़ित एक विद्यार्थी की जान पर बन आने के बाद मेडिकल कॉलेज और पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। रेगिंग का नतीजा यह रहा कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थी की किडनियां और लीवर में जानलेवा इंफेक्शन फैल गया और वह अहमदाबाद के निजी चिकित्सालय के आईसीयू वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच लड़ता रहा। लाखों रुपए खर्च होने के बाद आठ दिन बाद चिकित्सालय से छुट्टी मिली। हालांकि, अभी भी विद्यार्थी की हालात में सुधार है तथा इन दिनों परीक्षा दे रहा है।
44 डिग्री धूप बुलाया पहाड़ी पर बुलाया-पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार एमबीबीएस 2020 के बेच के विद्यार्थियों ने प्रथम वर्ष के पूरे बैच को कॉलेज के पास ही स्थित एक पहाड़ी पर भरी दुपहरी में बुलाया। ऐसे में अधिकांश विद्यार्थी वहां पहुंचे। यहां सीनियर स्टूडेण्ट्स ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की रैगिंग लेनी शुरू करते हुए तपती दुपहरी में उठक-बैठक लगवाना शुरू कर दिया। इसमें से कई विद्यार्थियों ने डर के चलते उठक-बैठक करनी शुरू कर दी। लेकिन, कॉलेज से दूर चल रहे इस घटनाक्रम की मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भनक नहीं लगी। लेकिन, एक विद्यार्थी की तबीयत खराब होने से रैगिंग की पूरी परतें खुल गई है।
सदर थानाधिकारी गिरधारी सिंह ने बताया- मेडिकल कॉलेज डूंगरपुर के प्रिंसिपल एस बाला मरगुनवेलू की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। रैगिंग की ये पूरी घटना डेढ़ महीने पहले 15 मई की है। रिपोर्ट के अनुसार- मेडिकल कॉलेज में ही फर्स्ट ईयर एमबीबीएस के स्टूडेंट खुश सिंह (बदला हुआ नाम) के साथ रैगिंग हुई है। सेकेंड ईयर एमबीबीएस के सीनियर स्टूडेंट देवेंद्र मीणा, अंकित यादव, रविंद्र कुलरिया, सुरजीत, विष्णेंद्र धायल, सिद्धार्थ परिहार और अमन रागेरा ने हर्षित खन्ना को कॉलेज के पास ही एक पहाड़ी पर बुलाया। इसके बाद उसकी रैगिंग करते हुए 300 से ज्यादा उठक-बैठक करवाई थी।
डर से नहीं आ रहे हैं विद्यार्थी सामने-मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार सीनियर स्टूडेण्ट्स ने पूरी क्लास के विद्यार्थियों को बुलाया था और उनकी संख्या करीब 60 से अधिक थी। पर, अन्य कोई विद्यार्थी सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और विद्यार्थियों से पूछताछ भी कर रही है। ऐसे में कई और भी रैगिंग से पीड़ित छात्र सामने आय सकते है।
पहले भी सामने आए हैं मामले-डूंगरपुर के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग कोई नई बात नहीं है। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग रोकथाम को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन हमेशा ही फेल साबित हुआ है। पहले भी रैगिंग के मामले सामने आए है।
केस 1 – मई 2024 भी एक मामला ऐसा ही सामने आया था। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग लेने वाले विद्यार्थी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना वसूला था।
केस 2 – अक्टूबर 2020 थर्ड ईयर के विद्यार्थियों ने सेकण्ड ईयर के एक विद्यार्थी की रैगिंग के नाम पर जमकर पिटाई की। इस घटनाक्रम की अन्य विद्यार्थियों ने वीडियो भी बनाकर वायरल किया था। बाद में सदर थाना पुलिस में प्रकरण भी दर्ज किया था। थर्ड ईयर के विद्यार्थियों ने यहां पास एक थड़ी को भी नुकसान पहुंचाया था।
केस 3 – जुलाई 2022 में मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के स्टूडेंट्स ने कलक्ट्रेट पहुंच कर रैगिंग करने वाले सीनियर स्टूडेंट्स के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
केस 4 – अक्टूबर 2021 में एक विद्यार्थी मेडिकल कॉलेजमें परीक्षा देने के बाद कॉलेज के बाहर चाय पी रहा था। इसी दौरान मेडिकल कॉलेज के ही नौ सीनियर स्टूडेंट्स आए और रैगिंग लेते हुए लातों-घुसों से मारपीट की
