उदयपुर में 272 भूखंड घोटाले पर फिर उठा सवाल

विधायक ताराचंद जैन ने सदन में मांगी कार्रवाई की समयसीमा

15 महीनों बाद भी एक भी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं, हाईकोर्ट के निर्देशों का भी दिया हवाला
उदयपुर, 25 फरवरी: 
शहर की राजनीति में बहुचर्चित 272 भूखंड घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। शहर विधायक ताराचंद जैन ने बुधवार को विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2024 को मंत्री द्वारा सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 15 महीने बीत जाने के बाद भी एक भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
जैन ने सदन में याद दिलाया कि इससे पहले भी इस मामले को गंभीरता से उठाया गया था। जांच में 272 में से 41 भूखंड पूरी तरह अवैध पाए गए थे और बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई थीं। अब तक 10 से अधिक लोग जेल जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासनिक जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई। उन्होंने मंत्री से स्पष्ट समयसीमा घोषित करने की मांग की कि दोषियों पर कार्रवाई कब तक पूरी होगी।
विधायक ने यह भी कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं, ऐसे में देरी समझ से परे है।
पहाड़ियों को ‘नो कंस्ट्रक्शन जोन’ बनाने की मांग: जैन ने यूआईटी और नगर निगम की सभी संपत्तियों का अनिवार्य पंजीकरण कराने पर जोर दिया। साथ ही शहर की 15 प्रमुख पहाड़ियों को ‘नो कंस्ट्रक्शन जोन’ घोषित कर अरावली क्षेत्र के संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की।
पर्यटन दबाव और मास्टर प्लान पर जोर: उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को एक ही दिन में लगभग ढाई लाख पर्यटक उदयपुर पहुंचे थे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए दूरदर्शी मास्टर प्लान तैयार करने और सख्त निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!