पंचायतों में लोक सुनवाई औपचारिकता बनकर रह गई : विधायक दीप्ति माहेश्वरी

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि कांग्रेस शासन में लोक सुनवाई औपचारिकता बन कर रह गई थी। ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन 10 से 12 बजे तक लोक सुनवाई केन्द्र खुले रखने के निर्देश की कभी पालना नहीं हुई। माह के प्रथम गुरुवार को सभी विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में जन सुनवाई शिविर अधिकांश पंचायतों में नहीं लगे। वे तारांकित प्रश्न द्वारा लोक सुनवाई केन्द्रों के प्रबन्धन पर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कर रही थी।

जन अभाव अभियोग विभाग के राज्य मंत्री के. के. विश्नोई ने कहा कि कांग्रेस शासन काल में जन सुनवाई व्यवस्था पंगु बन गई थी। अब राज्य सरकार जन सुनवाई के सभी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए समुचित कदम उठाएगी। पंचायत, उपखण्ड एवं जिला स्तर पर जन सुनवाई नियमित रूप से करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने पुरक प्रश्न के माध्यम से अवगत करवाया कि राजस्थान जन सुनवाई अधिनियम के अर्न्तगत प्रत्येक शुक्रवार के त्रिस्तरीय सुनवाई जिला, उपखण्ड एवं पंचायत स्तर पर करने के निर्देश जारी किए गए हैं। किन्तु इन निर्देशों की सभी जगह खुली अवहेलना हो रही है। पंचायतों में रोजगार सहायक, सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी जनसुनवाई को गंभीरता से नहीं लेते हैं। प्रतिदिन पंचायत कार्यालय ही नहीं खुलते है। प्रभारी मंत्री के. के. विश्नोई ने लोक सुनवाई केन्द्रों को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने तथा नियमित पर्यवेक्षण, निरीक्षण एवं प्रभावी प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिए आश्वस्त किया।

By Udaipurviews

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