जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू

भीलवाड़ा, 3 मार्च। जिला मजिस्ट्रेट आशीष मोदी ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भीलवाड़ा जिले की सम्पूर्ण सीमाक्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किये है।

आदेशानुसार भीलवाड़ा जिले की सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र (शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में) पांच या पांच से अधिक व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान पर बिना सक्षम पूर्वानुमति के एकत्रित नहीं होगें। शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय इस प्रतिबन्ध से मुक्त रहेंगे। कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का विस्फोटक पदार्थ, घातक रासायनिक पदार्थ आग्नेय अस्त्र-शस्त्र जैसे- रिवोल्वर, पिस्टल, बन्दूक, एम.एल.गन. बी.एल.गन. राईफल आदि एवं अन्य हथियार जैसे तलवार, भाला, कृपाण, बरछी, गुप्ती कटार, धारिया, बाघनख (शेर पंजा) चाकू छुरी, गंडासा, फरसा जो किसी धातु के शस्त्र के रूप में बना हों इत्यादि तथा विधि द्वारा प्रतिबंधित हथियार और मोटे घातक हथियार लाठी आदि सार्वजनिक स्थानों पर धारण कर न तो घूमेगा एवं ना ही प्रदर्शन करेगा और न ही साथ में लेकर चलेगा।

यह आदेश ड्यूटी पर तैनात बैंक सुरक्षा कर्मियों, सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान शस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस में तैनात अधिकारियों कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। इसी प्रकार सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। इसी प्रकार यह आदेश शस्त्र अनुज्ञा पत्र नवीनीकरण हेतु आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा शस्त्र पुलिस थाने में जमा कराने हेतु ले जाने पर लागू नहीं होगा। अपंग/अपाहिज एवं बीमार व्यक्ति जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते है। वह चलने में सहारा लेने हेतु लाठी का उपयोग कर सकेगें।

राजस्थान पुलिस एक्ट 2007 की धारा 44 के तहत जिला पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा या उनके द्वारा अधिकृत पुलिस अधिकारी की पूर्वानुमति बिना कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रयोजन के लिये जुलूस, सभा, धरना, रैली आदि का आयोजन नहीं करेगा। उक्तानुसार अनुमति प्राप्त आयोजक, उक्त आयोजन में भाग लेने वाले व्यक्तियों का परिचय अपने स्तर पर निश्चित रूप से रखेगा एवं पुलिस एवं कानून व्यवस्था से जुड़े किसी भी अधिकारी द्वारा जानकारी मांगने पर तुरन्त उपलब्ध करवायेगा।

संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग नहीं किया जायेगा। ध्वनि प्रसारण यंत्र हेतु अनुमति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक प्रसारण यंत्र के उपयोग हेतु दी जा सकेगी।

आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सदभावना को ठेस पहुंचाने वाले उत्तेजनात्मक एवं आपत्तिजन नारे नहीं लगायेगा, न ही ऐसा कोई भाषण या उद्बोधन देगा, न ही ऐसे किसी पेम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की सामग्री का मुद्रण करवायेगा, वितरण करेगा या वितरण करवायेगा और न ही किसी एम्पलीफायर, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट या अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवायेगा और ऐसे कृत्यों के लिये न ही किसी को दुष्प्रेरित करेगा।

कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नही करेगा न ही अन्य किसी को सेवन करवायेगा अथवा न ही मदिरा का सेवन हेतु दुष्प्रेरित करेगा। अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा और न ही इस हेतु किसी को दुष्प्रेरित करेगा। यदि कोई व्यक्ति उपयुक्त प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लघंन करेगा, तो वह भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत अभियोजित किया जा सकेगा।

यह आदेश दिनांक 02 मार्च, 2023 से आगामी दो माह तक भीलवाड़ा जिले की सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।

By Udaipurviews

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