उदयपुर, 27 जुलाई। नारायण सेवा संस्थान में चल रहे त्रिदिवसीय ‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम में दूसरे दिन दिव्यांग एवं उनके परिजनों से बातचीत में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि वही जीवन सफल है जो हमेशा प्रतियोगिता में बने रहता है। मानव योनि में जन्म लेना बड़ा सौभाग्य है। इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। हमें स्वयं से प्रतियोगिता कर अपनी सुप्त प्रतिभा को जगाकर परिवार,समाज और राष्ट्र के कल्याण में उसका उपयोग करना है।
इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रान्तों से निःशुल्क दिव्यांगता सुधारात्मक सर्जरी एवं अत्याधुनिक कृत्रिम हाथ-पैर तथा कैलीपर लगवाने के लिए आए दिव्यांगजन व उनके परिजन भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का ‘संस्कार’ चैनल के माध्यम से देशभर में सीधा प्रसारण किया गया।
अग्रवाल ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी कमजोरियों को पहचान कर उन पर नियंत्रण करते हुए आत्म-विश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करते हैं, वे महापुरुष बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि मन में सदा सेवा का भाव रहना चाहिए। कार्यक्रम में दो लोगों ने नशा न करने की शपथ ली।
कार्यक्रम में झालावाड़ स्कूल में छत गिरने से मृत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पण के साथ जख्मी बच्चों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की गई।
कार्यक्रम में बड़गांव के दिव्यांग महेंद्र कुमार, उदयपुर के कमलेश, बिहार के प्रिंस कुमावत, उत्तर प्रदेश के हेमेन्द्र कुमार, बड़ी सादड़ी के ललित मेघवाल सहित अन्य दिव्यांगों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि संस्थान में उन्हें समस्त सुविधाओं के साथ निःशुल्क चिकित्सा, कृत्रिम अंग, कैलीपर मिलने से उनकी जिन्दगी की राह आसान हो गई है।
जीवन को हमेशा प्रतियोगिता में बनाए रखें : प्रशांत अग्रवाल
झालावाड़ स्कूल दुखांतिका में मृत बच्चों को श्रद्धांजलि
