122.6किलोमीटर की हुला हूप मैराथन का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया,ऐसा आयोजन पहली बार देश में हुआ
उदयपुर। पीएफसी एज्यूकेशन पर दो दिन का वार्षिक समारोह आयोजित हुआ। जिसकी शुरुआत पीएफसी एज्यूकेशन के बच्चों को पूरे वर्ष की उपलब्धियों पर प्रोत्साहित किया व मेडल पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस परफ़ेक्शिया वार्षिक समारोह में ना सिर्फ़ स्पोर्ट्स इवेंट हुआ बल्कि कई तरह के गेम्स के साथ बच्चों ने वार्षिकोत्सव में उत्साह बनाये रखा।
परफ़ेक्शिया के अंतिम दिन लेटअस हूप के स्टूडियो के उद्घाटन के मौक़े पर, 4 वर्ष की उम्र से लेकर 40 वर्ष तक के हूपर्स ने पीएफसी एजूकेशन के सामने 122.6 किमी की हूप मैराथन पूरी की, जो की भारत मे भी पहली बार लेटअस हूप स्टूडियो द्वारा किया गया। पीएफसी संस्थान की निर्देशिका मीनाक्षी भेरवानी ने बताया कि उदयपुर के हूपर्स ने हूपिंग करते करते वाक् की और वर्ल्ड रिकॉर्ड मे अपना नाम दर्ज करवाने की तरफ़ का ये एक क़दम था। चूँकि यह मैराथन अपने आप में पहली बार आयोजित हुई थी व सबसे अनूठा आयोजन था इसलिए ना सिर्फ़ प्रतिभागी बल्कि देखने वालों में भी बहुत उत्साह था । 5 घंटे चली इस मैराथन में प्रतिभागियों ने ना हूपिंग करते हुए नृत्य प्रदर्शन भी किया। लगातार हूप करते हुए परफ़ॉर्मेंस देने वाले इन सभी हूपर्स का मेडल देकर सम्मान किया गया व विद्यार्थियों को बेसिक डिप्लोमा होल्डर सेरेमनी की गई।
इस अनूठे आयोजन में सायलस ग्रुप के डॉ.हनुवंत सिंह राठौड़, एनआईसीसी से स्वीटी छाबड़ा,संदीप राठौड़,हिमांशु, धारा कैफे के शुभम्, अमरतुल्लाह,रवि, हूप के निर्देशक हीरेन जोतवानी मौजूद थे।
मीनाक्षी भेरवानी ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई के साथ कौशल पर भी कार्य करना ज़रूरी है इसी सोच से पीएफ़सी संस्थान के ही प्रांगण में समजनेीववच स्टूडियो का भी उद्घाटन किया गया।
तत्पश्चात् पीएफ़सी संस्थान के बच्चों ने म्यूजिकल हाउजी, स्वनिर्मित शोर्ट फिल्म्स का प्रदर्शन भी किया। इस दो दिवसीय आयोजन में लेट अस हूप व पीएफ़सी संस्थान ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ज़ोर देकर हूपिंग जैसी कला को प्रोत्साहित किया व वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए कदम बढ़ाया।
पीएफसी एजुकेशन पर हुआ परफ़ेक्शिया 3.0 आयोजन
