उदयपुर, 12 मई। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र बागोर की हवेली में चल रही सूत्रधार कार्यशाला में युवा संभागी इस विधा की बारीकियों को उत्साह से सीख रहे हैं। गुरुजन भी अपना ज्ञान बांटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। आज के पहले सत्र में राजस्थान साहित्य अकादमी की सरस्वती सभा की सदस्य प्रोफ़ेसर मंजू चतुर्वेदी ने संभागियों को भाषा और उच्चारण के जुड़े विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला और एक-एक संभागी के साथ संवाद कर सक्षम बनाने का प्रयास किया। उन्होंने भाषा का कहाँ और कैसे उपयोग करना है पर ज़ोर दिया।
दूसरे सत्र में वरिष्ठ रंगकर्मी और सीसीआरटी के पूर्व फील्ड ऑफिसर श्री दीपक जोशी ने भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत के स्वरों की गायन द्वारा पहचान करते हुए किस प्रसंग पर किस टोन और रिदम में बोलना है का ज्ञान कराया।
संभागियों को अपने साथ गायन में जोड़ कर संगीत के आधार पर मंच संचालन की प्रेरणा दी।
सांस्कृतिक केन्द्र की निदेशक श्रीमती किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि तेरह मई को राजस्थान की सुप्रसिद्ध मंच संचालिका ,जयपुर निवासी डॉ. ज्योति जोशी विभिन्न दर्शक समुदाय और विषय के अनुरूप उद्घोषणा पर प्रकाश डालेंगी। दूसरे सत्र में राज्य के वरिष्ठ रंग निर्देशक विलास जानवे संचालन में भाव भंगिमाओं का व्यावहारिक साझा करेंगे।
प्रिंट मेकिंग कला प्रदर्शनी का उद्घाटन आज
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर की ओर से शनिवार शाम 6.30 बजे बागोर की हवेली में प्रिंट मेकिंग कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाराष्ट्र सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार करेंगे। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर की निदेशक श्रीमती किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि इस प्रदर्शनी में सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट मुंबई तथा केन्द्र द्वारा आयोजित कार्यशाला में बनाई गई प्रिंट मेकिंग प्रदर्शित की जाएगी। यह प्रदर्शनी 30 जून तक चलेगी।
