– जैन जागृति सेन्टर का मातृ-पितृ वंदन समारोह सम्पन्न
– तुम बने प्रवर्तक सत्य-अहिंसा के होकर अविचल निर्भय.., जयघोष हो रहा दिग-दिगन्त प्रभु महावीर स्वामी की जय….
– 121 माता-पिता का हुआ वंदन-अभिनंदन
– फागोत्सव 2026 में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां के साथ देर रात तक जमा कवि सम्मेलन
उदयपुर, 9 मार्च। सामाजिक संस्था जैन जागृति सेन्टर उदयपुर का मातृ-पितृ वंदन, फागोत्सव 2026 सकल जैन समाज के अध्यक्ष एवं जेजेसी के फाउंडर अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत के मुख्य आतिथ्य में 100 फीट रोड़ स्थित शुभकेसर गार्डन में सम्पन्न हुआ। साथ ही देर रात तक कवि सम्मेलन में कवियों के काव्य पाठ का आनन्द लिया।
महेन्द्र तलेसरा द्वारा भावुक कर देने वाले उद्बोधन के साथ 121 माता-पिताओं का वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें पाद प्रक्षालन, तिलक, मेवाड़ी पगड़ी, स्मृति चिन्ह उपरणे के द्वारा सभी सदस्यों ने अपने-अपने माता-पिताओं का वंदन-अभिनंदन कर सम्पूर्ण माहौल को भावुक बना दिया तथा सभी ने अपने-अपने अभिभावकों की आरती उतार कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान कई माता-पिता और पुत्र-पुत्रियों के आंखों में अश्रु धारा बहने लगी।
मुख्य अतिथि फत्तावत ने अपने उद्बोधन में सभी माता-पिताओं को प्रणाम करते हुए जिन दुर्लभ क्षणों का अभिभावकों ने अवसर प्रदान किया है मैं पूरे जेजेसी परिवार की ओर से अभिभावकों के चरणों में वंदन करते हुए कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं तथा वर्तमान युग में सभी से आव्हान करता हूं कि साक्षात ईश्वर हमारे घर में उपस्थित है उन माता-पिताओं का हमे प्रतिदिन आशीष प्राप्त करना चाहिए। फत्तावत ने महावीर जयंती पर होने वाले आयोजन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए उदयपुर में सकल जैन समाज महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के 20 दिवसीय आयोजन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने का आव्हान किया।
– सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
अध्यक्ष अरूण मेहता ने बताया कि गणपति वन्दना के साथ-साथ माता पिता का साया सबसे बड़ी दौलत पर आधारित लघु नाटिका तथा अभिभावकों को महिमामंडित करने वाला नृत्य आकर्षण का केन्द्र बना रहा। बच्चों से लेकर बड़ों तक एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने दर्शक दीर्घा में बैठे सदस्यों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
– देर रात तक जमा कवि सम्मेलन, छूटे हंसी के फव्वारे
महामंत्री ललित कोठारी ने बताया कि होली मिलन समारोह में मातृ-पितृ वंदन कार्यक्रम के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें प्रतापगढ़ राजस्थान के प्रख्यात कवि पार्थ नवीन ने अपने काव्य पाठ उड़ते रहो हवाओं में कपूर की तरह, बजते रहो फिजाओं में संतूर की तरह, मुरझाए हुए फूल पे आएंगी तितलियाँ, एन्जॉय कीजिये शशि थरूर की तरह सुना कर सभी को गुदगुदाया। वहीं मावली के कवि मनोज गुर्जर ने मान जनक का जो ना करता, सुत दाग़ी हो जाता हैं। सच कहता हूँ सुनो पाप का, वो भागी हो जाता हैं । क्यों जाए हम मन्दिर मन्दिर, तात प्रभु का रूप यहाँ, जिसके सर पर हाथ पिता का, बड़भागी हो जाता हैं… सुना कर सभी के दिलों में हंसी के फंव्वारे छोड़ दिए। उसके बाद नाथद्वारा के प्रसिद्ध कवि लोकेश महाकाली ने तुम बने प्रवर्तक सत्य-अहिंसा के होकर अविचल निर्भय.., जय घोष हो रहा दिग-दिगन्त प्रभु महावीर स्वामी की जय के साथ पुरा माहौल भक्तिमय बना दिया।
नमस्कार महामंत्र के मंगलाचरण व दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का आगाज हुआ। शब्दों द्वारा स्वागत अध्यक्ष अरूण मेहता द्वारा किया गया। आभार कार्यकारी अध्यक्ष नितिन लोढ़ा व महामंत्री ललित कोठारी द्वारा ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का सुन्दर संचालन महेन्द्र तलेसरा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर राजकुमार फत्तावत, जेजेसी मेंटर सुधीर चित्तौड़ा, अध्यक्ष अरुण मेहता, कार्यकारी अध्यक्ष नितिन लोढा, महामंत्री ललित कोठारी कोषाध्यक्ष राजेश भाणावत, महिला विंग अध्यक्ष नीता छाजेड, महामंत्री रचिता मोगरा, तीनो संस्थान के कोऑर्डिनेटर चन्द्र प्रकाश चोरडिया, महेंद्र तलेसरा, श्याम नागोरी, विजय लक्ष्मी गलुण्डिया, भारतीय जैन संघठना के अध्यक्ष दीपक सिंघवी, भूपेंद्र गजावत, जीतेन्द्र सिसोदिया, ऋतू मारू, सोनल सिंघवी, प्रिया झगडावत, मीना कावडिया, नीतू गजावत सहित 600 से अधिक माता-पिता व जेजेसी सदस्य मौजूद रहे।
माता-पिता ईश्वर का रूप, प्रतिदिन हमें उनका आशीष मिले : फत्तावत
