प्रतीक जैन
खेरवाड़ा, कस्बे के श्री राम वाटिका में चल रहे 10 दिवसीय रामलीला महोत्सव के चौथे दिन पंडित अशोक उपाध्याय बनारस के निर्देशन में सोमवार देर रात तक श्री परशुराम लक्ष्मण संवाद एवं श्री राम सीता विवाह का जीवंत मंचन प्रस्तुत किया गया। शिव धनुष तोड़ने से राम और लक्ष्मण परशुराम के क्रोध और शक्ति का सामना करते हैं और उसे शांत करने का प्रयास को मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। अंत में राम ने अपनी मधुर वाणी से परशुराम को शांत किया और संवाद को समाप्त किया। सीता के द्वारा राम को स्वयंवर द्वारा पति के रूप में चुनने के बाद, राम और सीता का विवाह होता है, जो कि रामलीला का एक महत्वपूर्ण मंचन है। राम सीता विवाह के बाद कन्यादान की रस्म हुई जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर भाग लेकर कन्यादान किया। इस तरह रामलीला में कलाकारों ने राम-सीता विवाह का मंचन किया। इस भव्य आयोजन में खेरवाड़ा कस्बा सहित आसपास के गांव से सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर रामलीला मंचन का धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
