मण्डल के जितेन्द्र कुमावत ने बताया कि एक शाम माता रानी के नाम भजन संध्या की शुरूआत महाआरती और कन्या पूजन के पश्चात् भजन गायक अनन्त लौहार द्वारा गणेश वन्दना से संध्या की शुरूआत हुई उसके बाद पाली से आयी भजन गायिका सोनु सिसोदिया ने अपने भजन की शुरूआत ‘‘वारी जउ रे बली हारी जाउ रे म्हारा सदगुरू आया’’, ‘‘माजीसा घुमर गालो तो राणो ढोल बजाये’’, ‘‘खम्मा रे खम्मा म्हारी घाटा वाली मात ने खम्मा रे खम्मा‘‘ इसके पश्चात् ‘‘निले घोडे वाला कंठी पे मोर बोले रे’’ जैसे कई भजन गाकर भक्तों को खुब नचाया।
इसके पश्चात् मुम्बई से आये गायक सुमित सैनी ने अपने भजन की शुरूआत ‘‘मेरे शिश के दानी का सारे जग मे डंका बाजे’’, ’’आया में आया बाबा में आया’’, ’’चलो बुलावा आया हे माता ने बुलाया है’’, ‘‘दुर हूँ मजबुर हूँ मैं तेरे पास कैसे आऊ माँ’’, मेरे सजदो का कुछ तो सिला दिजियें माँ तेरे दुध का कर्ज मुझ से अदा क्या होगा’
इसी के साथ निम्बाहेडा से आये शंकर लख्खा ने ’’नांदिया नांदिया मुझको ना दिया’’, ’’माताजी की लावणी’’ एवं माता रानी के भजनो पर भक्तो को खुब नचाया।
मण्डल के हर्ष कुमावत ने बताया कि माता रानी का गुलाबी चुन्दड का वेश पहनाकर व सुगंधित फूलों की माला पहनाकर अलौकिक श्रंृगार किया गया जिससे माँ की प्रतिमा ऐसी लग रही थी मानो की माँ साक्षात उपस्थिति होकर आशीर्वाद प्रदान कर रही हो। माँ की भजन संध्या में माँ के सम्मुख अखण्ड ज्योत प्रज्जवलित की गयी साथ ही छप्पन भोग भी धराया गया व माँ के पान्डाल में भिनी-भिनी सुंगन्ध ने भक्तों रिझाया।
मण्डल के हिमांशु बंसल ने बताया की श्री श्री 1008 दिगम्बर खुशाल भारती महाराज भजन संध्या में पधार कर माँ की प्रतिमा की पुजा अर्चना की उसके पश्चात् मण्डल सदस्यो द्वारा गुरूदेव पेर धुला कर एवं पुजा कर उनका स्वागत किया गया इसी के साथ गुरूदेव ने संध्या में आये हुये सभी भक्तो एवं उदयपुर वासीयो को आर्शीवाद प्रदान किया।
मण्डल के ललित कुमावत ने बताया कि टाऊन हॉल के मुख्य द्वार से भव्य दरबार तक आकर्षक विद्युत सज्जा से माँ का भव्य पाण्डाल सझाया व कई संगठनों व माँ के भक्तों द्वारा भक्तों के लिये ’’वैष्णो देवी भण्डारा’’ पंचमेवा, फल, सब्जी-पुडी, हलवा, खीर, खिचड़ी, चाय, बिस्किट व पेय जल इत्यादि प्रसादों की व्यवस्था माँ के भक्तों एवं ’’उदयपुर चा राजा’’ द्वारा की गई।
मंच संचालन आकाशवाणी के पूर्व वरिष्ठ उद्घोषक राजेन्द्र सेन ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मण्डल के गजेन्द्र कुमावत, कमलेश साहु, अर्पित साहु, दिपक कुमावत, गौरव कुमावत, रजत सोनी, जितु कुमावत, दिपमाला, पुष्पा मारू, पंकज, राहुल, मोहीत, विशाल सिंह, अशोक, अनिल, बादल खटीक इत्यादि भक्तों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। भजन संध्या का समापन प्रातः आरती के पश्चात् प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
