अब ये महिलाएं ग्रामीण अंचल की महिलाओं में जगाएंगी शिक्षा की अलख
उदयपुर 27 मार्च। जिले के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में साक्षरता दर बढाने और उन्हें 0सतत रूप से शिक्षा से जोड़ने की दिशा में उदयपुर प्रशासन ने अनुठी पहल की है। राजीविका के स्वयं सहायता समूहों के जुड़ी महिलाओं को ट्रेनिंग देकर साक्षरता सखी बनाया जा रहा है तथा ये महिलाएं अब ग्रामीण अंचल में जाकर निरक्षर महिलाओं को शिक्षा से जोडेंगी ताकि वे भी मुख्यधारा में आ सके।
सोमवार को किसान भवन में इस पहल की शुरूवात जिला कलक्टर ताराचंद मीणा की मौजूदगी में हुई। जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ‘साक्षरता सखी‘ बनाने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला कलक्टर ताराचन्द मीणा के मुख्य आतिथ्य व जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी मयंक मनीष की अध्यक्षता में किसान भवन में हुआ। डीपीएम अनिल पहाडि़या ने बताया कि जिला प्रशासन, जिला राजीविका एवं साक्षरता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुरू इस अभियान का उद्देश्य जिले में कम महिला साक्षरता दर वाले इलाकों में राजीविका की पढ़ी-लिखी महिलाओं के दक्ष प्रशिक्षकों के दल द्वारा ट्रेनिंग दी जाकर उनके माध्यम से समूह की महिलाओं एवं गांव की अन्य निरक्षर महिलाओं को साक्षर करना है। राज्य में पहली बार किसी जिले में ऐसी अनुठी पहल की गई है। जिला कलक्टर ने अभियान की सफलता हेतु शुभकामना दी है।
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगे-कलक्टर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि इस कार्यक्रम से उदयपुर के जनजाति बहुल क्षेत्र तथा बिखरी हुई आबादी में रहने वाली महिलाओं को राजीविका की महिलाओं द्वारा प्रशिक्षण प्रदान कर सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने इस कार्यक्रम केा सफल बनाने के लिए राजीविका के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा समूह की शिक्षित महिलाओं को अपनी बहनों को साक्षर करने व ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रारंभ में राजीविका के जिला प्रबंधक अनिल पहाडि़या ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
वित्तीय साक्षरता एवं डिजिटल साक्षरता भी जरूरी-सीईओ
कार्यक्रम में पहुंचे जिला परिषद सीईओ मयंक मनीष ने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएं रोजमर्रा के कार्यों को बखूबी ढंग से निभा रही है। इस कार्यक्रम से लाभान्वित होकर महिलाएं अपने घरेलू लेन-देन एवं अन्य कार्यों को आसानी से कर सकेगी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को मनरेगा में बनाए जा रहे वर्कशेड में पढ़ाया जाएगा। वहीं गांव के बच्चों के लिए साईब्रेरी की स्थापना भी की जाएगी। अभियान के तहत महिलाओं को बुनियादी एवं सतत शिक्षा साथ वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास, पर्यावरण जागरूकता आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस हेतु पूरे जिले में राजीविका के 62 क्लस्टर लेवल फेडरेशन हेतु 62 वर्क शेड बनाए जाने की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है।
उदयपुर की अनुठी पहलः एसएचजी महिलाओं को बना रहे ‘साक्षरता सखी‘
