-भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति उदयपुर के चैत्र प्रतिपदा महा उत्सव में पूरा शहर होगा सम्मिलित
उदयपुर, 03 मार्च। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात भारतीय प्राचीन कालगणना का प्रथम दिवस, भारतीय सनातन संस्कृति का नववर्ष, विभिन्न संवतों के पहले महीने का पहला दिन, चैत्र नवरात्रा स्थापना का प्रथम दिवस, इस बार यह तिथि 23 मार्च को आ रही है और एक बार फिर उदयपुर शहर भारतीय नववर्ष को धूमधाम से मनाने के लिए तैयार हो रहा है। घर-घर भगवा पताकाएं लहराने, गली-मोहल्लों को पताकाओं की फर्रियों से सजाने, शहर के मुख्य मार्गों के दोनों ओर भी भगवा पताकाएं लगाने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग संगठनों के कार्यकर्ता इन तैयारियों में जुटे हुए हैं।
शहर भूला नहीं है जब गत वर्ष चैत्र प्रतिपदा पर पूरे शहर में मेले के उल्लास का माहौल हो गया था। पूरा शहर उत्सवमय हो गया था। शहर के सभी सामाजिक संगठनों के सान्निध्य में उत्सव ने उदयपुर शहर की उत्सव परम्परा में नया आयाम जोड़ दिया था। उस उत्साह को देखते हुए इस वर्ष के आयोजन को और भी विस्तार स्वरूप दिया गया है। गत वर्ष कलश यात्रा एक ही स्थान से शुरू हुई थी, गत वर्ष और इस बार के उत्साह को देखते हुए मातृशक्ति कलश यात्रा तीन स्थानों से प्रारम्भ करने का निर्णय किया गया है जो फतह स्कूल, जगदीश मन्दिर और भूपालपुरा ग्राउण्ड से शुरू होंगी। मुख्य शोभायात्रा का आंरभ शहर के हृदय स्थल नगर निगम प्रांगण से होगा। इस शोभायात्रा में बुलेट वाहन, झांकियां, डी.जे., स्केट्स, अखाड़े सहित झांकियां आदि शामिल होंगी।
देहलीगेट पर होगा शोभायात्राओं का संगम
नववर्ष के इस बार के उत्सव को विस्तार के साथ ऐतिहासिक बनाने की दृष्टि से अलग-अलग स्थानों से निकलने वाली इन सभी शोभायात्राओं का मिलन एक ही स्थान पर करने की योजना बनाई गई है। विभिन्न मार्गों से आकर सभी शोभायात्राओं का संगम उदयपुर के प्रमुख देहलीगेट चौराहे पर होगा। इसके बाद पूरी एक शोभायात्रा भण्डारी दर्शक मण्डप की ओर बढ़ेगी और वहां पहुंचकर सभा में तब्दील होगी जहां बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री का आशीर्वचन होगा।
अलग-अलग संगठन संभाल रहे मोर्चा
इस बार 30 हजार कलश एवं 20 हजार डांडियों के साथ मातृशक्ति भाग लेंगी। इसके लिए समाजोत्सव समिति की मातृशक्ति कार्यकर्ताओं द्वारा शहर के विभिन्न सामाजिक महिला संगठनों को न्योता देने का क्रम जारी है। विभिन्न सामाजिक संगठनों सहित गरबा मंडलों ने भी नववर्ष समाजोत्सव समिति की ओर से होने वाले विराट कार्यक्रम में सहभागिता के लिए सहमति प्रदान करते हुए अलग-अलग तैयारियों का मोर्चा संभाल लिया है।
घर-घर सम्पर्क भी शुरू
-नववर्ष शोभायात्रा और धर्मसभा में हर शहरवासी की भागीदारी के लिए घर-घर सम्पर्क व न्योता देने का क्रम भी शुरू कर दिया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में युवाओं की टोलियां सुबह व शाम के समय सम्पर्क कर रही हैं। उदयपुर शहर सहित शहरी सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सम्पर्क किया जा रहा है। शहर के समीपवर्ती गांवों-कस्बों से भी बड़ी संख्या में नागरिक शोभायात्रा व धर्मसभा में भाग लेंगे।
बड़गांव क्षेत्र की बैठक में शामिल हुए क्षेत्रवासी
-नववर्ष की तैयारियों के तहत बड़गांव क्षेत्र में हुई बैठक में घर-घर दीप प्रज्वलन का भी आह्वान किया गया। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक आनंद प्रताप सिंह ने भारतीय नववर्ष की प्राचीनता और उसका वैज्ञानिक महत्व बताते हुए ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ की तर्ज पर स्वयं पहल कर चैत्र प्रतिपदा उत्सव को भव्य रूप से मनाने का आह्वान किया।
बड़गांव व समीपवर्ती क्षेत्र के संयोजक पुष्कर जोशी ने बताया कि कार्यक्रम में घर-घर से माताएं-बहनें, युवा एवं किशोर शामिल हों, इसके लिए सम्पर्क टोलियां बनाई गई हैं। इस क्षेत्र को रामकृष्ण नगर नाम दिया गया और तैयारियों के लिए उसे सात बस्तियां व अठारह उपबस्तियों में विभाजित किया गया है। क्षेत्र में छोटी-छोटी टोलियां घर-घर संपर्क करेंगी। इसी योजना के तहत माताएं-बहनें अलग से अपनी टोलियां बनाकर घर-घर पीले चावल एवं पत्रक देकर महिलाओं को कलश यात्रा एवं डांडिया के लिए आमंत्रण देंगी।
हिन्दू जागरण मंच ने की बैठक
-नववर्ष शोभायात्रा और धर्मसभा की तैयारियों के तहत ही हिन्दू जागरण मंच की बैठक सूरजपोल स्थित अस्थल मंदिर में रखी गई। बैठक में नववर्ष समाजोत्सव समिति के संयोजक कपिल चित्तौड़ा एवं हिंदू जागरण मंच के प्रांत संयोजक रविकांत त्रिपाठी ने भारतीय नववर्ष के महत्व को बताते हुए युवाओं को पूरे शहर की छटा को उत्सवी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा भगवा पताकाएं घर-घर लगाने, शहर के अखाड़ों, स्केटिंग का प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावानों और कलश यात्रा में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जोड़ने के लिए गहन सम्पर्क करने की बात कही।
