अब हर एसडीएम को अपने उपखंड को बनाना होगा भिक्षावृत्ति मुक्त

कलेक्टर ने जारी किए दिशा-निर्देश, 29 मार्च तक देना होगा घोषणा पत्र
उदयपुर 13 मार्च। जिला प्रशासन उदयपुर जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त करने को लेकर युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। अब इस अभियान में हर उपखंड के उपखंड अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर मीणा ने बताया कि उदयपुर जिले में ‘भिक्षावृति मुक्त उदयपुर’ अभियान संचालित किया जा रहा है जिसके अन्तर्गत जिले में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का चिह्नीकरण व आवश्यकतानुसार पुनर्वास गृह में उन्हें शिफ्ट किया जा रहा है।
चित्रकूट नगर में संचालित है रेस्क्यू सेंटर
कलेक्टर ने समस्त उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्राधीन बीट कांस्टेबल स्तर पर भिक्षावृत्ति में लिप्त निराश्रित, लाचार, बेसहारा एवं बेघर लोगों का सत्यापन करवाकर पुनर्वास हेतु जिला मुख्यालय पर खेल गाँव के सामने संचालित पुनर्वास गृह एवं रेस्क्यू सेंटर चित्रकूट नगर पर संपर्क कर भिजवा सकते हैं। जरूरत होने पर सम्पर्क नं. 9680386179 पर भी संपर्क किया जा सकता है। अभियान अंतर्गत मुख्य रूप से पुलिस विभाग व स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जा सकता है। कलेक्टर ने उदयपुर शहर व समस्त उपखण्ड क्षेत्रों को भिक्षावृत्ति मुक्त कर एक घोषणा पत्र 29 मार्च 2023 तक भर कर भिजवाने के निर्देश दिए हैं।
कलक्टर मीणा ने बताया कि निर्देशानुसार जिला स्तरीय समिति की प्रत्येक तीन माह में या जब आवश्यक हो तो इससे पूर्व भी बैठक करनी होगी। साथ ही पुनर्वास गृह हेतु भवनों का चिह्नीकरण संचालन व पर्यवेक्षण, जिलों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाये जाने हेतु सतत रूप से संचालित रेस्क्यू क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग एवं समस्त कार्यों का पर्यवेक्षण आदि गतिविधियां करनी होगी। ऐसे ही पुलिस विभाग को ट्रैफिक पुलिस एवं अन्य पुलिस कार्मिकों के द्वारा सड़क चौराहों धार्मिक स्थलों, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेशन एवं अन्य स्थलों पर भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों को रेस्क्यू कर पात्रता अनुसार बाल गृह, महिला गृह, मानसिक विमंदित गृह, वृद्धाश्रम अथवा पुनर्वास गृह आदि तथा पहुंचानाहोगा।  ट्रैफिक पुलिस एवं अन्य पुलिस कार्मिकों के द्वारा भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों से समझाइश करना, हटाना तथा पाबंद इत्यादि कार्य करने होंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को स्वयं सेवी संस्थाओं व अन्य विभागों से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग को भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर पात्रता अनुसार बाल गृह, महिला सदन, नारी निकेतन मानसिंक विमंदित गृह, वृद्धाश्रम अथवा पुनर्वास गृह आदि में प्रवेश दिलाकर देखभाल करने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का निःशुल्क जाँच कर उपचार कार्य करना तथा विभाग द्वारा संचालित पुनर्वास गृहों में चिकित्सा एवं जाँच सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। आरएसएलडीसी को भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का बैच बनाकर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने हेतु कहा गया है। प्रशिक्षित व्यक्तियों को विभागों द्वारा संचालित बैंकों द्वारा उपलब्ध ऋण, सब्सिडी एवं अन्य योजनाओं से जोड़कर नियोजित करने को कहा गया है।

राजीविका के संभाग स्तरीय मेले में खरीददारी के लिए उमड़ रहा जन समूह
एसएचजी महिलाओं के उत्पाद खरीदने को लेकर आमजन में दिख रहा उत्साह
उदयपुर 13 मार्च। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) द्वारा संभाग स्तरीय मेले का आयोजन 15 मार्च तक ग्रामीण हाट, रेती स्टेण्ड-उदयपुर में किया जा रहा है। मेले में संभाग के विभिन्न जिलों डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा एवं उदयपुर से आई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने के लिए जन समूह उमड़ रहा है। यहाँ महिलाओं द्वारा विभिन्न उत्पाद जैसे- सौलर लैम्प, अगरबत्ती, चप्पल, नमकीन लहसुन, मिक्स नमकीन, प्लेन नमकीन, सलवार सुट, शहद, पैन्टींग, तीर कमान, सर्फ-साबुन, विभिन्न प्रकार के मसालें एवं अचार, गुलाबजल इत्र, गुलकन्द, लकड़ी के खिलौने आदि की प्रदर्शनी लगाई गई है।
जिला परियोजना प्रबन्धक अनिल पहाड़िया ने बताया कि मेले में आए ग्राहकों ने उत्पादों की बारीकी से जानकारी ली एवं उत्साहपूर्वक खरीददारी की। शहरवासियों द्वारा भी मेले में स्वयं सहायता समूह से निर्मित उत्पादों को काफी पसंद किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की है वे मेले में आकर अधिक से अधिक खरीदारी करें जिससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रोत्साहन मिल सके।

वाहन कर जमा कराने केे लिए अंतिम दो दिन शेष
उदयपुर, 13 मार्च। भार वाहनों के स्वामियों के लिए उनकी वाहनों के वर्ष 2023-24 के कर जमा कराने के लिए अब सिर्फ दो दिन ही बचे हैं।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी पी.एल. बामनिया ने बताया कि नियमानुसार भार वाहनों के वाहन स्वामी प्रति वर्ष मार्च में अगले वित्तीय वर्ष का अग्रिम कर चालू वित्तीय वर्ष के 15 मार्च तक जमा कराने के लिए बाध्य हैं। इस तरह वाहन स्वामियों के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के एडवांस टेक्स जमा कराने के लिए सिर्फ दो दिन ही शेष हैं। उन्होंने बताया कि वाहन स्वामियों की सुविधा के लिए उदयपुर में दो कैश काउंटर्स खोले गये हैं जहां वाहन स्वामी अपना कर तत्काल ऑनलाइन जमा करवा सकते हैं। इसी प्रकार की व्यवस्थाएं बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद एवं सलूम्बर जिला परिवहन कार्यालय में भी की गई है। मार्च माह में राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी कार्यालय के केश काउंटर्स खुले रहेंगे।
उन्होंने बताया कि 15 मार्च के बाद सम्पूर्ण उदयपुर रीजन में विभागीय उड़नदस्ते कर बकाया वाले वाहनों की प्रभावी रोकथाम और उनकी जब्तीकरण की कार्यवाही बड़े पैमाने पर अभियान के रूप में प्रारम्भ कर देंगे। उन्होंने समस्त जिला परिवहन अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि कर बकाया वाले मामलों को अत्यंत गम्भीरता से ले। बकाया कर वाले वाहनों को न सिर्फ जब्त किया जाए वरन् उनकी आरसी, परमिट, फिटनेस, वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित एवं निरस्त करने की भी कार्यवाही करे। उन्होंने वाहन स्वामियों का आह्वान किया कि वे 15 मार्च से पहले अपनी वाहनों के बकाया कर जमा करवा कर असुविधा से बचें वरना बकाया कर, ब्याज़ एवं पेनल्टी सहित वसूल किया जाएगा।

By Udaipurviews

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