– स्वेच्छा से नाम हटवाने की तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई
उदयपुर, 16 जनवरी। खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्रों को हटाने तथा वंचित पात्र लोगों को जोड़ने के लिए राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे गिवअप अभियान के तहत उदयपुर जिले में अब तक 2289 अपात्र लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जल्द ही उनके विरूद्ध वसूली की कार्यवाही की जाएगी। अभियान के तहत स्वेच्छा से नाम हटवाने की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ा दी गई है।
जिला रसद अधिकारी मनीष भटनागर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्ग दर्शन में राज्य सरकार निरन्तर वंचित वर्गा के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदरा के स्पष्ट निर्देश है कि अंतिम पक्ति में खडे लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाये ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में निर्धारित मापदण्ड़‘‘ राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम 2023 अनुसूची-1’’ में ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकर दाता हो। परिवार जिसका कोई सदस्य सरकारी/अर्द्व सरकारी /स्वायत्त शासीसंस्थाओं में कर्मचारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारीक आय हो अथवा परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर आदि जीविकोपार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोड़कर) निष्कासन सूची में शामिल हैं।
श्री भटनागर ने बताया कि 01 नवम्बर 2024 से प्रारंभ गिवअप अभियान में अब तक राजस्थान में लगभग 22 लाख 32 हजार व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से लाभ छोड़ा जिससे राज्य सरकार पर वार्षिक 409.39 करोड की राशि का वित्तीय भार कम होगा। इस क्रम में उदयपुर जिले में कुल 17 हजार 254 आवेदन प्राप्त हुये तथा कुल 1 लाख 91 हजार 583 लोगों द्वारा गिवअप किया गया।
अभियान में प्रत्येक उचित मूल्य की दुकानपर खाद्य विभाग के प्रवर्तन अधिकारी व प्रवर्तन निरीक्षकों को औचक निरीक्षण करने के साथ ही खाद्य सुरक्षा में चयनित अपात्र लोगो को नोटिस जारी किये जाने के आदेश प्रदान किये गये है। खाद्य विभाग द्वारा शीघ्र ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन स्वामी का डाटा संकलित कर खाद्य सुरक्षा में चयनित अपात्र लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा।
