(16-25 वर्ष के युवाओं के लिए जागरूकता, मार्गदर्शन और मानसिक सहयोग के निःशुल्क कार्यक्रम)
उदयपुर । 19 मार्च 2026, भारत में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं, विशेष रूप से युवाओं के बीच। शैक्षणिक दबाव, सामाजिक प्रतिस्पर्धा, अकेलापन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की सीमित उपलब्धता के कारण कई युवा आज मानसिक तनाव और भावनात्मक संघर्षों का सामना कर रहे हैं। इन परिस्थितियों में समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है ।
इसी उद्देश्य के साथ माँ भगवती विकास संस्थान ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए एक नई सामाजिक पहल SATVA Wellbeing की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संवाद को प्रोत्साहित करना और ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है जहाँ युवा बिना किसी झिझक के अपनी भावनाएँ और चुनौतियाँ साझा कर सकें ।
SATVA Wellbeing विशेष रूप से 16 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं पर केंद्रित रहेगा, जो वर्तमान समय में सबसे अधिक मानसिक दबाव और जीवन से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं ।
इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि SATVA Wellbeing के सभी प्रमुख कार्यक्रम, जागरूकता गतिविधियाँ और मार्गदर्शन सत्र पूरी तरह निःशुल्क (Free of Cost) होंगे, ताकि आर्थिक कारण किसी भी व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्राप्त करने से न रोकें ।
SATVA Wellbeing का मूल सिद्धांत “Balanced • Bright • Becoming” है, जो संतुलित मानसिक स्थिति, सकारात्मक सोच और निरंतर व्यक्तिगत विकास की दिशा में युवाओं को प्रेरित करता है ।
इस पहल के अंतर्गत भविष्य में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र, सामुदायिक गतिविधियाँ और मानसिक स्वास्थ्य मार्गदर्शन से जुड़े विभिन्न प्रयास किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक और खुला वातावरण तैयार करना है ।
SATVA Wellbeing का आधिकारिक शुभांरभ दिनांक 19 मार्च 2026 को आयोजित एक विशेष सेमिनार के माध्यम से किया जाएगा । इस अवसर पर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी और SATVA Wellbeing की पहल, उद्देश्यों तथा आगामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी ।
इस अवसर पर SATVA Wellbeing की कोर टीम भी उपस्थित रही, जिनमें एकलिंग अग्रवाल (CEO), पद्मिनी राठौड़ (COO), व्योम उपाध्याय (Head of Research and Analysis), आंचल धाभाई (Psychologist), चारु पालीवाल (Psychologist), देवांश अग्रवाल (CFO) तथा इशिता जारोली (Program Coordinator) शामिल रहे ।
SATVA Wellbeing के CEO एकलिंग अग्रवाल ने इस पहल के बारे में कहा:
‘‘आज कई युवा मानसिक संघर्षों से गुजर रहे हैं, लेकिन अकसर उन्हें सही समय पर सही सहारा नहीं मिल पाता SATVA Wellbeing की शुरुआत इसी सोच के साथ की गई है कि हर युवा को अपनी बात कहने का सुरक्षित मंच और सही मार्गदर्शन मिल सके। हमारा प्रयास है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में खुली चर्चा हो और कोई भी युवा अपने संघर्ष में अकेला महसूस न करे।’’
युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव के बीच “SATVA Wellbeing” की नई पहल
