भारतीय जीवन शैली को पुनः अपनाने की जरूरत  – प्रो. सारंगदेवोत

वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर
नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग से जागरूकता का दिया संदेश
उदयपुर 10 अक्टुबर / विश्व की आधी आबादी किसी न किसी मानसिक तनाव से अवश्य ही ग्रसित है, सबसे अधिक युवा वर्ग इस बिमारी से ग्रसित है इसका मुख्य कारण अभिभावकों की अपेक्षाओं का बढ़ना है। उनका मानना है कि उनका पुत्र भी अन्य के समान आरएस, आईएस बने, पर यह कभी नहीं सोचा की वह क्या करना चाहता है उस पर उन्होंने कभी इस पर गौर नहीं किया और इस कारण कई युवा खुदकुशी का शिकार हो रहे है। अभिभावकों को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। उक्त विचार मंगलवार को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संघटक नर्सिग विभाग की ओर से आयोजित समारोह में  कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने बतौर अध्यक्षीय उद्बोधन में कही। उन्होंने कहा कि युवा छोटी छोटी बातों पर तनाव व अवसाद में आ जाते है जो उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है। आने वाले समय में तनाव मंे आने का मुख्य कारण इंटरनेट ही होगा।  हमें भारतीय खानपान की ओर पुनः लौटना होगा। प्राचीन समय में हमारे पूर्वज मोटा अनाज खाते जो हमारे स्वास्थ के लिए हेल्थी था। मानवता का विकास हुआ तब हम मानसिक रूप से सशक्त थे, धीरे धीरे हम पाश्चात संस्कृतिक को अपनाने लगे। हमें पुनः भारतीय जीवन शैली को अपनाना होगा।
समन्वयक मुकेश चौधरी ने बताया कि इस अवसर पर  विधार्थियों द्वारा पोस्टर मेकिंग, नुक्कड़ नाटक, डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया। विजयी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विधार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक से युवाओं में तेजी से बढ़ रही हेल्थी एवं अनहेल्थी लाईट स्टाईल पर मिम एक्ट कर जागरूकता का संदेश दिया।
समारोह में निदेशक प्रो. मंजु मांडोत, डॉ. मनीष श्रीमाली, मुकेश चौधरी, डॉ. दिलीप चौधरी सहित विधार्थी उपस्थित थे।
संचालन डिम्पल आमेटा, यशपाल सिंह राव ने किया। यह जानकारी निजी सचिव केके कुमावत ने दी।

By Udaipurviews

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