नारी शक्ति वंदन अधिनियम नए युग की शुरुआत : डॉ अलका मुंदडा 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रदेशव्यापी प्रेस वार्ता आयोजित
उदयपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर समस्त राजस्थान प्रदेश में एक साथ प्रेस वार्ताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व महिला मोर्चा की बैठक भी इसी विषय पर आयोजित की गई जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति रही। संपूर्ण राजस्थान में एक साथ आज ही प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जहां प्रदेश पदाधिकारी विधायक सांसद और स्थानीय महिला जन नेता द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया गया।
जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने प्रेस वार्ता का स्वागत करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 16 से 18 अप्रैल तक विशेष सत्र आयोजित किया गया जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक रूप से पारित किया गया। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद संसद में महिलाओं की भागीदारी मात्र 4 प्रतिशत थी जो 2019 में बढ़कर 15 प्रतिशत हुई और अब इस अधिनियम के माध्यम से पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह महिलाओं के स्वाभिमान आत्मसम्मान और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अलका मुंदडा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को नए युग की दस्तक बताते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह भारत को अधिक समावेशी और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा राज्यसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने का प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि नीति निर्माण को अधिक संवेदनशील समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है।
उन्होंने आगे कहा कि इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं रहेंगी बल्कि नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इससे शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा जहां शिक्षा स्वास्थ्य पोषण सुरक्षा जल और स्वच्छता जैसे विषय अधिक प्राथमिकता प्राप्त करेंगे। स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण के सकारात्मक परिणाम पहले ही सामने आ चुके हैं और अब यही प्रभाव संसद एवं विधानसभाओं के स्तर पर भी दिखाई देगा।
डॉ. अलका ने बताया कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण को व्यापक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने सामाजिक सोच में सकारात्मक परिवर्तन किया है और बालिकाओं की माध्यमिक स्तर पर नामांकन दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत करोड़ों खातों के माध्यम से बेटियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है।
स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को पोषण सहायता प्राप्त हुई है तथा पोषण अभियान के तहत देशभर में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप मातृ मृत्यु दर में कमी आई है और महिला स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।
अंत में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक संवैधानिक प्रावधान नहीं है बल्कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ेंगी तो विकास की प्रक्रिया अधिक समावेशी संतुलित और टिकाऊ बनेगी। यह अधिनियम भारत के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रेस वार्ता का संचालन मीडिया प्रभारी डॉ सीमा चंपावत ने किया और आभार महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता जोशी ने व्यक्त किया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत होने वाले आगामी कार्यक्रमों में नारी शक्ति सम्मेलन दोपहिया वाहन रैली हेलमेट धारण करने के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आलेख विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन करवाना नुक्कड़ नाटक करवाना और 9667173333 पर मिस कॉल करके इस बिल का अधिक से अधिक समर्थन करना तथा सोशल मीडिया पर #NariShaktiVandan के साथ नारी शक्ति वंदन लिखना शामिल है।
इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ अलका मुंदडा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ देहात महामंत्री ललित सिंह सिसोदिया पूर्व महापौर रजनी डांगी शहर जिला उपाध्यक्ष हंसा माली प्रधान प्रतिभा नागदा शहर जिला मीडिया प्रभारी डॉ सीमा चंपावत प्रदेश महिला मोर्चा पदाधिकारी सोनिका जैन महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता जोशी महिला मोर्चा से विजयलक्ष्मी कुमावत राजकुमारी गन्ना सीमा खटीक कैलाश कमला नेहा आरती वशिटा आदि उपस्थित रही।
By Udaipurviews

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