कोई ग्रन्थ नहीं कहता कि उधार लेकर मायरा भरो – तारा दीदी
उदयपुर, 21 सितंबर। कोई धार्मिक ग्रन्थ नहीं कहता कि लोगों की देखा देखी उधार लेकर मायरा भरा जाए। एक-दूसरे की होड़ा होड़ी में आजकल आडम्बर बढ़ता जा रहा है।
यह कहना है कथावाचिक तारा दीदी पालीवाल का। वे गुरुवार को प्रेसवार्ता में बोल रही थीं। उदयपुर के आयड़ सुथारवाड़ा स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में शुक्रवार से शुरू हो रही तीन दिवसीय नानीबाई के मायरे की कथा से पूर्व आयोजन की जानकारी देते हुए उन्होंने आह्वान किया कि आडम्बरों के प्रति आकर्षित होने के बजाय पारिवारिक सम्बन्धों की प्रगाढ़ता और मधुरता पर ज्यादा ध्यान दें।
कथा उत्सव की स्वागत समिति की संयोजक डॉ अलका मूंदड़ा ने बताया कि 22 सितंबर से 24 सितंबर तक होने वाली कथा के पहले दिन कलश यात्रा होगी। कलश यात्रा सवा बारह बजे चारभुजाजी मंदिर से शुरू होकर लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंचेगी।
लक्ष्मी नारायण महिला मंडली, सर्व समाज महिला भक्त मंडल आयड़, आयड़ सुथारवाड़ा मित्र मंडल के तत्वावधान में हो रहे आयोजन में 24 सितंबर को द्वारकापुरी गुजरात से 2 बजे कथा पंडाल में द्वारकाधीश तथा डाकोरजी से रणछोड़ राय जी के निधि स्वरूप पधारेंगे।
इससे पहले, 23 सितंबर को राधाष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। नियमित रूप से कथा का समय दोपहर एक बजे से चार बजे तक रहेगा।
श्रीमती मूंदड़ा ने बताया कि कथा आयोजन के उपरांत उपलब्ध सहयोग राशि व सामग्री जरूरतमंद बिटिया का भात भरने व गौदान करने में उपयोग की जाएगी।
कथा की व्यवस्थाओं में समाजसेवी प्रेमसिंह शक्तावत, नानालाल वया, महेश भावसार ,मनोहर चौधरी (पार्षद) ,यशवंत पालीवाल,आनंद चित्तौड़ा ,प्रदीप श्रीमाली ,प्रेमशंकर सुथार, कुंदन सुथार, राजकुमार परमार एवं यशवंत सुथार आदि जुटे हुए हैं।
