-स्थानीय ट्रैफिक को प्रभावी ढंग से अलग किया जाएगा, ब्लैक-स्पॉट्स को ठीक करेंगे
-सांसद डॉ मन्नालाल रावत लगातार कर रहे थे प्रयास
उदयपुर। खेरवाडा शहर के लोगों द्वारा लंबे समय से की जा रही एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की मांग आज केंद्र सरकार ने पूरी कर दी है। सांसद डॉ मन्नालाल रावत भी खेरवाडा के लोगों की इस मांग को टास्क के रुप में लेकर प्रयास कर रहे थे और आज इसकी खुशखबरी प्राप्त हो गई।
केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के उदयपुर रतनपुर-शामलाजी सेक्शन पर खेरवाड़ा शहर में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 363.89 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दे दी। श्री गडकरी ने स्वयं यह घोषणा करते हुए बताया कि यह परियोजना खेरवाड़ा कस्बे में एक एलिवेटेड स्ट्रक्चर (ऊंची संरचना) बनाने की स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी। इसमें स्थानीय ट्रैफिक को प्रभावी ढंग से अलग किया जाएगा और पहचाने गए ब्लैक-स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) को ठीक किया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा में समग्र सुधार होगा। यह एलिवेटेड स्ट्रक्चर बाहर से आने वाले ट्रैफिक को स्थानीय ट्रैफिक से अलग कर गुज़रने देगा, जिससे खेरवाड़ा शहर में ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी और यात्रा का समय भी बचेगा। इससे आवागमन और भी सुगम और तेज़ हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि खेरवाडा शहर से हाइवे गुजरने के कारण वहां के लोगों को काफी परेशानी हो रही थी और दुर्घटनाओं की संभावना भी लगातार बनी रहती थी। स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने सांसद डॉ मन्नालाल रावत को इस समस्या से अवगत करवाया। डॉ रावत ने इस मामले में केंद्रीय सडक एवं परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखा और व्यक्तिगत रुप से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की थी। गडकरी ने इसका सर्वे कर स्वीकृति जारी करने का आश्वासन दिया और आखिरकार शनिवार को 363.89 करोड़ लागत से होने वाले इस काम की स्वीकृति जारी कर दी। सांसद डॉ रावत ने इस स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है और कहा कि उन्होंने लोकसभा क्षेत्र उदयपुर की जनता की बात को सुना और स्वीकृति प्रदान की।
सांसद डॉ रावत के प्रयास रंग लाए, खेरवाड़ा शहर में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 363.89 करोड़ की मंजूरी
