डूंगरपुर : क्वाट्स माइंस पर ई-रवन्ना का दुरुपयोग का भंडाफोड़: उदयपुर विजिलेंस टीम व डूंगरपुर खनन विभाग की बड़ी कार्रवाई

 गड़ा वासण माइंस पर 1.92 करोड़ का जुर्माना, स्काईलाइन मिनरल एंड माइंस पर 50.96 लाख का जुर्माना
रिपोर्ट – जुगल कलाल
डूंगरपुर,02 अगस्त(ब्यूरो) उदयपुर विजिलेंस टीम और डूंगरपुर खनन विभाग ने सागवाड़ा पंचायत समिति के गड़ा वासण और कराड़ा गांव में अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने दो माइंस पर छापा मारते हुए 2 करोड़ 42 लाख 98 हजार की ई-रवन्ना चोरी का खुलासा किया है। जिला माइनिंग अधिकारी दिलीप सुथार ने बताया कि खनन पट्टाधारी केएल मीना की गड़ा वासण गांव में स्थित माइंस पर जांच की गई, जहां 30115.08 मैट्रिक टन क्वाट्स निकाले जाने का रिकॉर्ड मिला। हालांकि, उनकी आईडी से 43024.66 मैट्रिक टन क्वाट्स की ई-रवन्ना जनरेट की गई थी, जिसमें 14208.86 मैट्रिक टन क्वाट्स अवैध तरीके से बेचा गया था। इस पर कन्हैयालाल मीना को 1 करोड़ 92 लाख 1 हजार 961 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। दूसरी तरफ, कराड़ा गांव में स्काईलाइन मिनरल एंड माइंस पर छापा मारते समय तीन खनन पिटों में 8414.10 मैट्रिक टन क्वाट्स का खनन गहराई तक पाया गया। मौके पर मात्र 1200 टन क्वाट्स मिला जबकि 11054.31 टन क्वाट्स निकाले जाने का रिकॉर्ड मिला। इसमें 3760.11 टन क्वाट्स अवैध तरीके से लाकर बेचा गया था, जिसके लिए कंपनी पर 50 लाख 96 हजार 297 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

सात दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई: पहले 19 करोड़ की पेनाल्टी, अब फिर कार्रवाई
माइनिंग विभाग और विजिलेंस टीम ने सात दिनों के अंदर डूंगरपुर में अवैध खनन के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। उस्मानिया गांव और घाटा का गांव में स्थित माइंस पर जांच के दौरान भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते कुल 19 करोड़ से अधिक की पेनाल्टी लगाई गई है। उस्मानिया गांव में प्रथम कुमार वर्मा की क्वार्ट्ज माइंस पर हुई जांच में एक लाख 37 हजार 319.4 टन खनन के लिए कुल 4076 ई-रवन्ना जारी किए गए थे, जबकि मौके पर इतनी मात्रा में खनन नहीं हुआ था। इस गड़बड़ी के चलते विभाग ने 18 करोड़ 40 लाख 31 हजार 190 रुपए की पेनाल्टी का नोटिस जारी किया। वहीं, घाटा का गांव में हरिराम पुनिया की मेसेनरी स्टोन की माइंस पर जांच के दौरान 36 हजार 505 टन खनन के लिए 2702 ई-रवन्ना जारी किए गए थे, जबकि वास्तव में खनन की मात्रा काफी कम पाई गई। इस पर विभाग ने 27 लाख 96 हजार 806 रुपए की पेनाल्टी का नोटिस जारी किया।

राजस्व को भारी नुकसान, कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन जारी
इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि खनन पट्टाधारी अवैध खनन करके और ई-रवन्ना का गलत इस्तेमाल करके राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन अवैध खनन पर रोक लगाने के प्रयास अभी तक पर्याप्त नहीं रहे हैं। विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई ने खनन क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर एक बार फिर से प्रकाश डाला है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इससे राजस्व का बड़ा नुकसान होता रहेगा और खनन क्षेत्र में अनियमितताएं बनी रहेंगी।

आगे की कार्रवाई
दोनों मामलों में जुर्माना नहीं भरने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 15 दिनों में दोनों खननधारकों से स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्यमत्री भजनलाल शर्मा जो स्वयं खान मंत्री भी है उनके निर्देशों उनके निर्देश में विभाग अभी खनन गतिविधियों पर जीरो बैलेंस की नीति से कार्य कर रहा है। ज़िले में कारवाई के बाद खनन माफिया अपनी मशीनरी के साथ भूमिगत हो गए है।

वर्जन 1 – शिकायत के बाद करवाई
दोनों खननधारकों को ई – रवाना का दुरुपयोग की शिकायत मिली थी। इस पर टीम ने मौके पर जाकर जांच की तो दोनों खननधारकों ई-रवाना का दुरुपयोग करना सामना आया। इसके दोनों लीज धारकों को 2 करोड़ 42 लाख 98 हज़ार रूपया का जुर्माना लगाया हैं। दोनों को नोटिस जारी कर 15 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है।
दिलीप सुथार, मीनिंग अधिकारी, डूंगरपुर 

By Udaipurviews

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