रविवार अवकाश का दिन होने से मेला बना मिनी उदयपुर

उदयपुर। जोधाणा पब्लिसिटी द्वारा फतह स्कूल मैदान में 30 दिवसीय मेट्रोड्रीमलैंड मेले में मेले में जबर्दस्त भीड़ रही। रविवारीय अवकाश होने की वजह से मानो फतह स्कूल प्रांगण में सारा उदयपुर ही उमड़ पड़ा और उसने मेला समाप्ति तक मिनी उदयपुर का रूप ले लिया। शाम तक मौसम में ठण्डक घुलने से मेले की रौनक और भी बढ़ गई। लोग खरीददारी के साथ ही तरह- तरह के व्यंजनों का स्वाद लेने भी मेले में पहुंचे। छुट्टी के दिन का भरपूर आनन्द उठाते हुए जहां परिवार के लोगों ने सबसे पहले जम कर खरीददारी की। पूरे मेले में घुम फिर कर जहां जिसे जो पसन्द आया वह उन्होंने खरीदा। उसके बाद लोग फूड जोन में पहुंचे। वहां पर अपनी मन पसन्द के गर्मा-गर्म या ठण्डे पेय पदार्थों का रसास्वादन किया।
जोधाणा पब्लिसिटी के दिनेश गौड़ ने बताया कि रविवार का छुट्टी का दिन होने से ज्यादातर लोग अपने परिवार सहित मेले में पहुंचे। मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए भी कोई कसर नहहीं छोड़ी है। चकरी, डोलर, झूले , उनके खेलने के आयटम, उनके कपड़े, गर्मी में पहने जाने वाले खास डिजाईन किये बच्चों के कपड़ों की भी मेले में खूब खरीददारी हो रही है। मेले में आये कई मेलार्थियों ने तो बताया कि अब तक शहर मेें जो मेले मे ंलगते आये हैं वो ज्यादा से ज्यादा 10-15 दिन के ही लगते आये हैं। ऐसे में यह मेला पूरे एक महीने का होने से इससे जनता को काफी सुविधा मिल रही है। तनख्वाह भी मिज जाने से पैसों की तंगी करा सामना नहीं करना पड़ रहा है। बचों को भी आराम से उनकी मनपसन्द की चीजें दिलवा पा रहे हैं और जो भी मेले में वह खाने की जिद कर रहे हैं वह उन्हें दिलवा पा रहे हैं। वर्ना 10-15 दिन के मेलों में यही परेशानी होती है कि जब तनख्वाह मिलने का समय आता है तब तक मेले खत्म हो जाते हैं। शहरवासी मेले के आयोजकों को बधाई भी दे रहे हैं।
गौड़ ने बताया कि मेले में फर्नीचर हैंडलूम कपड़े वे ज्वेलरी सहित कई स्टॉल्स मेले में लग चुकी है। उन्होंने बताया कि फर्नीचर, किचन वेयर, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, परफ्यूम, क्रोकरी, फैशन, फिटनेस, कंप्यूटर, शूज, कालीन ,पर्दे, खिलौने, गद्दे, सोफे, चद्दरें ,कारपेट, पानीपत का हैंडलूम,टेराकोटा के डेकोरेटिव आइटम ,साज सज्जा का पूरा सामान, खुर्जा क्राकरी और मेलामेट का क्रोकरी सहित कई स्टाल लगाई गई है साथ ही कपड़े, कॉस्मेटिक, पर्स, साड़ी, अचार मुरब्बे आदि सामान की भी स्टॉल्स लगी हुई हैं जहां पर उचित मूल्य में हर तरह के सामान मिल रहे हैं।
गौड़ ने बताया कि पिछले सप्ताह भर से उदयपुर का मौसम दोपहर में भीषण गर्मी के बीच शाम होते- होते आसमान में बादल छाने से सुहाना बन गया। ऐसे मौसम में मेले मेें आने वाले मेलार्थियों को भी मेले में घूमने का आनन्द मिल रहा है। मेला स्थल फतह स्कूल है जो कि शहर के बीचो बीच है। यहां आने में शहरवासियों को कोई परेशानी नहीं होती है। यहां पर पार्किंग की खास व्यवस्थाएं हैं। टू व्हीलर की अलग और फोर व्हीलर की अलग- अलग पार्किंग होने से कोई भीड़ नहीं होती और न ही कोई वाहन फंसने की आशंका रहती है।
उन्होंने बताया कि यहां पर उत्पादों के साथ भारत के सभी हिस्सों से हस्तशिल्पी अपने द्वारा हस्तनिर्मित उत्पाद लेकर मेले में पहुंचे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों के ख्याति प्राप्त हस्तशिल्प उत्पाद खऱीदने का सुनहरा मौका शहर वासियों किफ़ायती दामों में उपलब्ध हो रहा है। राजस्थान सहित कई राज्यों के व्यापारी भी अपने यहां के खास उत्पाद मेले में बिक्री के लिए लाए हैं जो कि शहरवासियों को काफी पसंद आ रहे हैं।

By Udaipurviews

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