आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव निवेशक संघर्ष समिति की बैठक

उदयपुर। आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव निवेशक संघर्ष समिति की बैठक आज टाउन हॉल प्रांगण में हुई जिसमें देश के 35 करोड़ ठगी पीड़ित घरेलु जमाकर्ताओं की लाखों करोड़ रुपयों की पूँजी फँस जाने से जमाकर्ताओं का पूरा आर्थिक पारिवारिक सामाजिक व्यावसायिक जीवन एक दशक से भी अधिक समय से बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है,हज़ारों निवेशकों ने आत्म हत्या कर ली है, लाखों अभिकर्ता जमाकर्ताओं के रोष, अमानवीय आचरण से पीड़ित रोज़ाना प्रताड़ित होकर नारकीय गरिमा विहीन जीवन जी रहे हैं, हज़ारों लोग घर परिवार गॉंव से दूर निर्वासित जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं और राज्य सरकार, केंद्र सरकार,न्यायपालिका भी कोई ठोस राहत प्रदान करने में विफल रही है जिसके विरुद्ध 31जुलाई को नयी दिल्ली में जंतर मंतर पर पर देश भर के पीड़ितों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर ” भुगतान नहीं तो मतदान नहीं का नारा बुलंद किया “साथ ही राजस्थान के निवेशकों को जगाने के लिए बड़े जन आंदोलन करने की आवश्यकता महसूस करते हुए आगामी समय में प्रदेश स्तरीय जन आंदोलन की रणनीति बनाई गई.
संयोजक एडवोकेट भरत कुमावत ने बताया बैठक की अध्यक्षता संघर्ष समिति की वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती मनोरमा कोठारी ने की. बैठक में हाल ही में रालेगण सिद्धि में अन्ना हजारे से मुलाकात करके लौटे प्रतिनिधि मंडल के सदस्य भरत कुमावत ने अन्ना जी से हुई बातचीत का ब्यौरा प्रस्तुत किया. साथ ही 31 जुलाई को दिल्ली में जनक्रांति सत्याग्रह मैं भाग लेकर लौटे उदयपुर संभाग के सत्याग्रही निवेशकों के सम्मान करने का निर्णय लिया गया. बैठक में राज्यव्यापी बड़े जन आंदोलन की आवश्यकता को महसूस करते हुए सभी निवेशकों ने सर्वसम्मति से आगामी माह में राज्य की राजधानी जयपुर में बड़े जन आंदोलन करने का निर्णय लिया.
बैठक की अध्यक्षता श्रीमती मनोरमा कोठारी ने कहां की राज्य स्तरीय जन आंदोलन करने के लिए सर्वप्रथम निवेशकों के संगठन को मजबूत किया जाए तथा सभी एजेंटों को अनिवार्य रूप से इस जन आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए.
ज्ञानेश्वर बंसल ने कहा निवेशकों में जनजागृति लाने के लिए सभी संभागों में निवेशक जन जागरण यात्राएं निकालकर प्रत्येक तहसील स्तर तक निवेशकों को जागरूक करके जयपुर चलने के लिए तैयार करना होगा.
श्रीमती मंजू गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को भी ज्यादा से ज्यादा जिम्मेदारी कार्यकारिणी में देनी चाहिए क्योंकि सहकारिता में बड़ी संख्या में महिलाओं छोटी छोटी घरेलू बचत करकेनिवेश कर रखा है और जमा पूंजी नहीं मिलने के कारण सबसे ज्यादा प्रताड़ित आज महिलाएं ही हो रही है.

By Udaipurviews

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