राजस्थान विद्यापीठ – मानव संसाधन प्रबंधकों के समक्ष 21वीं सदी में चुनौतियां
विषय पर पांच दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ
देश के ख्यातनाम उद्योग जगत के प्रतिनिधि कर रहे है शिरकत
उदयपुर 03 जुलाई / जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड विश्वविद्यालय के संघटक उदयपुर स्कूल ऑफ सोशल वर्क के संयुक्त तत्वाधान में प्रतापनगर स्थित एमबीए सभागार में सेंटर फॉर एक्सीलेंस के तहत मानव संसाधन प्रबंधकों के समक्ष 21वीं सदी में चुनौतियां विषयक आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि वर्तमान समय में विकास के सभी आयामों की दशा और दिशा दोनों में परिवर्तन दृष्टिगत हो रहा है इन परिवर्तनों से उद्योगों के मानव संसाधन विभाग भी अछूते नहीं रहे हैं अतः इस बदलते समय में हमे प्रबंधन शैली में भी हमें प्रभावी बदलाव करना होगा तभी भविष्य में आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से करने में हम सक्षम हो सकेंगे। मुख्य अतिथि सतीश जोशी पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त द्वारा सेंटर फॉर एक्सीलेंस के उद्देश्यों और विजन पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि डॉ. महावीर जैन, डॉ ओंकार शर्मा डॉ. आर. जी. मीणा उपस्थित थे। डॉ. महावीर जैन नेशनल लेबर्स इंस्ट्यूशन के सीनियर फेलो रह चुके हैं वर्तमान में एम जे स्कूल ऑफ ह्यूमन डायनेमिक के उपनिदेशक है आपने सेंटर फॉर एक्सीलेंस के उद्देश्यों और गतिविधियों पर चर्चा की साथ ही उपस्थित डॉ ओंकार शर्मा, कल्याण आयुक्त केंद्रीय नई दिल्ली द्वारा 25 प्रतिभागियों के समक्ष लेबर कोर्ट से जुड़ी समस्याओं पर अपने अनुभवों को सांझा किया तथा डॉ. आर. जी. मीणा मुख्य श्रम आयुक्त ,(केंद्रीय) नई दिल्ली द्वारा एचआर और आईआर से जुड़े मुद्दों पर विचार प्रस्तुत किए गए। प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन प्राचार्य डॉ. अवनीश नागर द्वारा दिया गया। संचालन डॉ. अनुकृति राव ने किया जबकि आभार डॉ. लाला राम जाट ने दिया।
पांच दिवसीय कार्यशाला में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, जे.के. लक्ष्मी सीमेंट ,जतन संस्थान, इंडिया सीमेंट (बांसवाड़ा), सुब्रोस (गुड़गांव), जिंदल स्टील (हिसार), अडानी पावर, आरएसएमएमएल (उदयपुर) एम.पी. बिरला (चित्तौड़गढ़), मेघमणि इंडस्ट्री लिमिटेड (गुजरात), अंबुजा सीमेंट, आदित्य सीमेंट (चित्तौड़गढ़), उदयपुर सीमेंट वर्क्स (उदयपुर) सहित 26 प्रतिभागियों ने अपनी भागीदारी निभाई।
