हम व्यक्तिगत मोह की बेड़ियों को तोड़कर राष्ट्र प्रेम व देशभक्ति को सर्वोपरि रखें: आचार्य विजयराज

उदयपुर, 14 अगस्त। केशवनगर स्थित अरिहंत वाटिका में आत्मोदय चातुर्मास में बुधवार को आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारा देश 15 अगस्त के दिन आजाद हुआ, यह आजादी भौतिक भूभाग की थी। आज भी हमारे देश में भाषा, संस्कृति एवं शिक्षा की दृष्टि से विदेशियों का ही अनुकरण जारी है। महापुरूषों के अनुसार स्वतंत्रता शब्द स्व+तंत्रता इन दो शब्दों से मिलकर बना है जिसका अर्थ है अपना अपने पर अधिकार होना स्वतंत्रता है। स्वयं को पहचानने का पुरूषार्थ करके  स्वतंत्र होकर सर्वतंत्र को प्राप्त कर लें। हमारे महापुरूषों ने अपना सबकुछ समर्पित कर देश को स्वतंत्र कराया। इस देश में जब तक संत और अध्यात्म है तब तक यहाँ बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी स्थिति नहीं हो सकती। हम व्यक्तिगत मोह की बेड़ियों को तोड़कर राष्ट्र प्रेम व देशभक्ति को सर्वोपरि रखें। उपाध्याय श्री जितेश मुनि जी म.सा. ने कहा कि जिनवाणी का श्रवण श्रद्धा व लगाव से करें, गुरू की चरण-शरण में रहें तो अंत में पंडित मरण भी मिल सकता है। हमें बोलने की बहुत बहुत बड़ी शक्ति मिली है। शब्दों में ही जगाने व डूबाने की ताकत है। हम सार्थक ही बोलें व सही समय पर बोलें। सही समय पर की गई वचनों की चोट हमारी दशा व दिशा बदल देती है जैसे कि शालिभद्र, धन्ना, तुलसीदास, छत्रपति शिवाजी आदि की जिंदगी बदली। श्रीसंघ  मंत्री पुष्पेंद्र बड़ाला ने बताया कि उदयपुर श्रीसंघ के तत्वावधान में गुरूवार को प्रातः साढ़े दस बजे केशवनगर स्थित अरिहंत वाटिका में श्रीसंघ अध्यक्ष इंदर सिंह मेहता ध्वजारोहण करेंगे। पुरूष सफेद वेशभूषा में, श्राविकाएं एवं बालक-बालिकाएं सभी केसरिया, हरे एवं सफेद रंग की वेशभूषा पहन कर तिरंगे झंडे को सलामी देकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे। आज नागदा, पूना, ब्यावर, खरियार रोड़, मिर्जापुर, जोधपुर, इरोड, कोयम्बटूर, बांसवाड़ा, अहमदाबाद, जयपुर आदि स्थानों से दर्शनार्थियों का आवागमन सतत् जारी है।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!