अन्तरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस की पूर्व संध्या पर केंडल जला बिना भेदभाव के मानव सेवा की ली शपथ

विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से मानव सेवा का दिया संदेश
नर्सेज दिवस – सेवाभाव को सलाम करने का दिन – प्रो. सारंगदेवोत
नर्सिंग कला, वैज्ञानिक का पेशा …..

उदयपुर 11 मई / अन्तरराष्ट्रीय नर्स दिवस की पूर्व संध्या पर जनार्दनराय नागर  राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के संघटक नर्सिंग विभाग की ओर से आयोजित समारोह का शुभारंभ कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, कुल प्रमुख भंवर लाल गुर्जर, पीठ स्थविर डॉ. कौशल नागदा, मोहसीन, कोर्डिनेटर मुकेश चौधरी ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा के  सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। प्रारंभ में मुकेेश चौधरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि  समारोह में विद्यार्थियों द्वारा रंगोली प्रतियोगिता के साथ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नित नये होने वाले हादसे के दौरान नर्सिंगकर्मियों की सेवा भावना को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने नर्सेज दिवस की जनक फलोरेंस नाइटिंगेल के जीवन को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रदर्शित कर उपस्थित अतिथियों को भाव विभोर कर दिया।
समारोह में विद्यार्थियों ने केंडल जला आमजन के साथ सेवा भावना के साथ कार्य करने की शपथ दिलाते हुए प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने कहा कि आज का दिवस नर्सेज के सेवाभाव को सलाम करने का दिन है। इस कार्य ने मानवता की सोच को बदला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण की जरूरत नहीं है, इनमें अपार शक्ति होती है। इनमें धैर्य, सहनशीलता होती है और नर्स का पेशा कला एवं वैज्ञानिकता का भी है, इसमें दिल और दिमाग दोनों काम आते है। दिल में संवेदनशीलता होती है दिमाग में तकनीेकी साईंस होती है। सिर्फ दवा के माध्यम से पेसेंट को ठीक नहीं किया जा सकता , इसके लिए उसके प्रति संवेदनशील भी होना होगा। महिलाओं ने इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान जब कोरोना संक्रमित व्यक्ति से पूरा परिवार उससे दूर था तब नर्सिंगकर्मी ही उसका परिवार था। जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना हर व्यक्ति की सेवा की, चाहे वह किसी भी मजहब का हो।
संचालन जिगिसा मुर्डिया ने किया जबकि आभार मुकेश चौधरी ने जताया।
समारोह में डिम्पल आमेटा, ज्योति जोशी, अंकिता कुंवर, जिगिसा मुर्डिया सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।

By Udaipurviews

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