“शाश्वत ज्ञान को मन में धारण करना ही सनातन वैदिक धर्म का मूल है” राजेश्वरी देवी 

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें
फतहनगर. केआरजी  गार्डन फतहनगर में गुरुवार से प्रारंभ हुई 8 दिवसीय आध्यात्मिक जीवन उपयोगी प्रवचन श्रृंखला के प्रथम दिवस पर  मुल जगतगुरु  स्वामी कृपालु महाराज की प्रमुख प्रचारिका रासेस्वरी  देवी  के द्वारा सनातन वैदिक धर्म को समझाते हुए बताया गया कि सनातन अर्थात वह ज्ञान जो सदा सदा के लिए था और सदा सदा के लिए रहने वाला हो जिसको स्वयं ईश्वर ने वैदिक परंपरा  से पूर्व के आदि ऋषि मुनियों को आत्मा स्तर पर प्रदान किया एवं  बाद के ऋषि मुनियों के द्वारा इस ईश्वरीय ज्ञान को वेदों के रूप में लिपिबद्ध किया गया. यह वह ज्ञान है जो पूर्ण ज्ञान है. इस ज्ञान के माध्यम से ही शारीरिक एवं आध्यात्मिक उत्थान संभव है. अतः यही ज्ञान मानव मात्र के लिए अपने हर प्रकार के कल्याण हेतु धारण करने योग्य है. साथ ही वैदिक साहित्य की विभिन्न परंपराओं को स्पष्ट करते हुए कहा गया बतलाया गया कि इस परंपरा में श्रुति साहित्य एवं स्मृति साहित्य दो भागों में बांटा गया है. वेदों  की विविध शाखों के बारे में स्पष्ट करते हुए ब्राह्मण, अर्णय, उपनिषद आदि के बारे में बतलाते हुए स्पस्ट  किया कि  उपनिषद ही सनातन वैदिक धर्म का मूल आधार है. इससे ही ब्रह्म विद्या की प्राप्ति होती है. श्वेता श्वेतरो उपनिषद के मंत्र ”  तमेव विदित्वाति मृत्युमेति  नान्यः पंथा विद्यतेअ्यनाय “की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया गया कि ईश्वर को जाने पर ही जीव दुखावरण से मुक्त हो सकता है. उसका कल्याण हो सकता है . कल्याण का अन्य कोई मार्ग नहीं.  मानव देह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह स्पष्ट किया गया कि मानव जीवन में ही भागवत ज्ञान एवं स्वयं भगवान को प्राप्त किया जा सकता है, क्योंकि इसी देह में सोचने  समझने कल्पना करने और उन्हें पूरा करने की अनंत समर्थ है. यही देह ज्ञान प्रधान एवं कर्म प्रधान  84 लाख प्रकार की योनियों में शेष सभी देह की क्षमता केवल जीवन पालन एवं मृत्यु तक ही सीमित है. इसी कारण देवता लोग भी इस मानव  के लिए तरसते हैं. कल राजेश्वरी देवी द्वारा जीवन का लक्ष्य क्या है, क्या होना चाहिए इस विषय पर चर्चा की जाएगी. कार्यक्रम का आरंभ पालिका उपाध्यक्ष नीतिन सेठिया, व्यापार मंडल अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल, अग्रवाल समाज अध्यक्ष कैलाश बंसल, द्वारिकाधीश मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष शैलेष पालीवाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर प्रवचन श्रृंखला का शुभारंभ किया गया।
By Udaipurviews

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