उदयपुर। इनरव्हील क्लब उदयपुर की ओर से बुधवार को रेगर कॉलोनी स्थित महात्मा गाँधी राजकीय विद्यालय, बिलोचिस्तान कॉलोनी में आयोजित एक सादे समारोह में विद्यालय को दो पंखे भेंट किए। इस दौरान स्कूल का स्टाफ एवं विद्यालय के बच्चे उपस्थित थे।
क्लब अध्यक्ष स्वीटी छाबड़ा ने बताया कि स्कूली बच्चों को इस मौसम में पढ़ाई के दौरान गर्मी और उमस के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए उन्होंने यहां पर पंखे भेंट करने का निर्णय लिया। इस दौरान विद्यालय का स्टाफ एवं इनर व्हील क्लब की सभी सदस्य मौजूद थी। पंखा भेट करने के बाद विद्यालय के सभी बच्चों का इनरव्हील क्लब की ओर से मुंह मीठा कराया गया।
छाबड़ा ने बताया कि शीघ्र ही इस स्कूल और उसकी पढ़ाई को स्मार्ट बनने की दिशा में काम किया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई को स्मार्ट बनने के लिए जो भी सामग्री की आवश्यकता होगी वह इनर व्हील क्लब उपलब्ध करवाएगा। इसके अलावा स्कूल में और भी कोई जरूरत होगी या बच्चों के लिए जो भी आवश्यकता होगी वह भी इनरव्हील क्लब समय-समय पर उपलब्ध कराता रहेगा। इस अवसर पर सचिव डॉ.अंजू गिरी ने विद्यालय को कम्प्यूटर सेटएवं प्रियंका कोठारी ने बच्चों को 100 कॉपी व 100 पेन्सिल देनें की घोषणा की। सुन्दरी छतवानी ने दो पेडस्टल फेन दियें।
इनरव्हील क्लब ने बनायें 12 घंटे में भारत में दो नए विश्व रिकॉर्ड
इनरव्हील क्लब ऑफ उदयपुर और न्यू इंटरनेशनल कॉस्मेटिक केयर (एनआईसीसी) ने ऐश्वर्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंस्टीट्यूट, उदयपुर के सहयोग से अपनी असाधारण उपलब्धियों के साथ वैश्विक मंच पर धूम मचाते हुए मात्र 12 घंटों के भीतर एक नहीं, बल्कि दो नए विश्व रिकॉर्ड हासिल किए।
क्लब अध्यक्ष डॉ. स्वीटी छाबड़ा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 का जश्न मनाने के लिए, जिला अध्यक्ष श्रीमती निशा खंडपुर के नेतृत्व में 20 फीट × 20 फीट मापने वाले मिलेट्स की पांच किस्मों का उपयोग करके इनरव्हील क्लब का सबसे बड़ा राखी आकार का लोगो बनाकर पहला विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। विगत दिनों रॉकवुड्स हाई स्कूल, उदयपुर में 3000 किग्रा लोगांे को एक दिन में 40 सदस्यों की टीम द्वारा डिजाइन किया गया था और फिर मिलेट्स जरूरतमंद लोगों को दान कर दिया गया था। इस अनूठे और रचनात्मक प्रयास ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और नवीन भावना को प्रदर्शित किया।
उन्होंने बताया कि दूसरा विश्व रिकॉर्ड लामा फेरा हीलिंग और साउंड हीलिंग के क्षेत्र में हासिल किया गया, जहां डॉ. स्वीटी छाबड़ा, प्रबंध निदेशक (एनआईसीसी) ने ऐश्वर्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन संस्थान में 700$ प्रतिभागियों द्वारा इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति में विशेषज्ञता और दक्षता का प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि समग्र कल्याण और वैकल्पिक उपचारों के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
दो विश्व रिकॉर्ड की यह उपलब्धि वाकई उल्लेखनीय है। हम उस ब्रह्मांडीय ऊर्जा और ईश्वर की कृपा के लिए आभारी हैं जिसने हमें इन अविश्वसनीय उपलब्धियों तक पहुंचाया।
