उदयपुर। सिंधी भाषा दिवस के पावन अवसर पर झीलों की नगरी उदयपुर के लिए एक गौरवपूर्ण खबर आई है। आगामी 10 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले ‘भारतीय संविधान के सिंधी अनुवाद’ विमोचन समारोह में उदयपुर सिन्धी सेंट्रल युवा संगठन के अध्यक्ष श्री विजय आहूजा और महासचिव श्री मुकेश खिलवानी विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे।
उपराष्ट्रपति करेंगे विमोचन, कानून मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की रही मुख्य भूमिका
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुनराम मेघवाल ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी को पत्र लिखकर इस गरिमामयी समारोह के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। कार्यक्रम का आयोजन 10 अप्रैल, 2026 को प्रातः 10:30 बजे उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में होगा, जहाँ उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा संविधान के सिंधी संस्करण (देवनागरी और फारसी लिपियों में) का विमोचन किया जाएगा।
‘विकसित भारत @2047’ की दिशा में बड़ा कदम
विधि एवं न्याय मंत्रालय की यह पहल ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मंत्रालय का उद्देश्य है कि देश का प्रत्येक नागरिक संविधान को अपनी मातृभाषा में समझ सके। इसी क्रम में विधायी विभाग की राजभाषा खंड इकाई द्वारा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में अनुवाद का कार्य किया जा रहा है। सिंधी भाषा में संविधान का प्रकाशन इसी संकल्प की एक बड़ी उपलब्धि है।
उदयपुर सिन्धी समाज में हर्ष की लहर
संगठन की टीम को इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलने पर उदयपुर सिन्धी सेंट्रल युवा संगठन ने हर्ष व्यक्त किया है। अध्यक्ष विजय आहूजा ने कहा कि यह न केवल उनके संगठन बल्कि पूरे मेवाड़ के सिंधी समाज के लिए सम्मान की बात है।
