कलाएं रहेंगी, तभी संस्कृति जीवित रहेगी – श्री खराड़ी
देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजाति कलाकार
उदयपुर, 13 मार्च। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि पारंपरिक कलाएं और लोक परंपराएं ही हमारी संस्कृति की वास्तविक पहचान हैं। आज बदलते समय और आधुनिकता के प्रभाव के कारण संस्कृति के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, जिससे पारंपरिक कलाएं धीरे-धीरे लुप्त होने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि कलाएं रहेंगी तभी संस्कृति जीवित रहेगी। इसलिए इन कलाओं का संरक्षण और संवर्धन करना अत्यंत आवश्यक है।
श्री खराड़ी शुक्रवार को सांस्कृतिक स्त्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) सभागार में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग तथा माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय नेशनल ट्राईबल भित्ति चित्र एवं माण्डना कला कार्यशाला के शुभारंभ समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। श्री खराड़ी ने देश भर से आए जनजाति कलाकारों का स्वागत किया। उन्होंने भित्ति चित्र, मांडना और जनजातीय कला जैसी परंपराएं केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और जीवन मूल्यों की धरोहर हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार और समाज दोनों को मिलकर ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे कलाकारों को प्रोत्साहन मिले और आने वाली पीढ़ियां भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ऐसे हालात बन रहे हैं, जिससे संस्कार और संस्कृति का क्षरण हो रहा है। इस तरह की कार्यशालाएं इन कलाओं को पुनर्जीवित करने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम सिद्ध हो सकती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीसीआरटी अध्यक्ष विनोदनारायण इंदूकर ने कार्यशाला को जनजाति संस्कृति और कलाओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। सीसीआरटी की भावी कार्ययोजनाओं की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के साथ मिलकर जनजाति कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विविध गतिविधियां आयोजित किए जाने का भी प्रस्ताव रखा। विशिष्ट अतिथि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग निदेशक हेमन्त द्विवेदी ने भी विचार व्यक्त किए।
प्रारंभ में टीआरआई निदेशक ओपी जैन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से देश में जनजातीय विरासत, जनजाति कलारूपों और मौखिक परम्पराओं सहित विभिन्न जनजातीय भित्ति चित्र एवं माण्डना कला के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और संवर्धन का प्रयास किया जा रहा है। कार्यशाला में राजस्थान सहित केरल, बिहार, त्रिपुरा, ओड़िशा, महाराष्ट्र, गोवा सहित अन्य राज्यों से जनजाति कलाकार भाग ले रहे हैं। पांच दिवसीय इस कार्यशाला में यह कलाकार अपने राज्यों के भित्ति चित्र एवं माण्डना कला शैलियों के अनुभव साझा करेंगे। भित्ति चित्र आदिवासियों के प्रकृति के जुड़ाव एवं दैनिक जीवन की गतिविधियों का दिग्दर्शन है। वहीं माण्डना कला के द्वारा आदिवासी अपने त्यौहारों व विशिष्ट आयोजनों के अवसर पर घर के आंगन इत्यादि में विशिष्ट कलाकृतियां बनाते हैं।
कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त आयुक्त कृष्णपालसिंह चौहान भी बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। आभार कार्यशाला के नोडल प्रभारी तथा निदेशक सांख्यिकी सुधीर दवे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर टीएडी के सहायक निदेशक, दिनेश उपाध्याय सहित कलाकार उपस्थित रहे। संचालन व्याख्याता हर्षवदन सिंह सोलंकी ने किया।
स्वच्छता सप्ताह से होगा राजस्थान स्थापना दिवस कार्यक्रमों का आगाज
– शनिवार 14 मार्च से होगा शुभारंभ
– 15 को होगी विकसित राजस्थान रन
उदयपुर, 13 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर अब राजस्थान स्थापना दिवस चैत्र प्रतिपदा तिथि पर मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 14 से 19 मार्च तक विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। राजस्थान दिवस सप्ताह के कार्यक्रमों का आगाज शनिवार 14 मार्च को स्वच्छता सप्ताह के साथ होगा।
झीलों की नगरी उदयपुर में राजस्थान दिवस कार्यक्रमों के लिए जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशन में व्यापक तैयार की जा रही हैं। शनिवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सप्ताह का शुभारंभ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आमजन की उपस्थिति में होगा।
अगली कड़ी में 15 मार्च को जिला प्रशासन तथा उदयपुर विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में विकसित राजस्थान रन होगी। इसमें अधिकारी, कर्मचारी, खिलाड़ी, युवा, एनएसएस, स्काउट-गाइड आदि भाग लेंगे। मैराथॉन फतहसागर की पाल पर टाया पैलेस से प्रारंभ होकर नीलकण्ठ महादेव मंदिर होते हुए युडीए पहुंच कर संपन्न होगी। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। 15 मार्च को ही डिजिटल क्विज और कॉलेजों में निबंध व चित्रकारी प्रतियोगिताएं होंगी। टाउन हॉल में एक जिला-एक उत्पाद मेले का भी शुभारंभ होगा। 16 मार्च को राजस्थानी जनजातीय गौरव दिवस बनाया जाएगा। इसके तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में जनजातीय प्रतिनिधियों से संवाद, विकास कार्यों के शिलान्यास और जनजाति कला प्रदर्शनी का आयोजन होगा। बेणेश्वर धाम पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के आतिथ्य में प्रस्तावित कार्यक्रम का प्रसारण भी किया जाएगा। 17 मार्च को युवा शक्ति और उद्योग संवाद के तहत रोजगार मेला, स्टार्टअप चर्चा और उद्योगपतियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निजी क्षेत्र में चयनित युवाओं को रोजगार पत्र भी सौंपे जाएंगे। 18 मार्च को किसानों और पशुपालकों के साथ संवाद के साथ-साथ शाम को मांझी का घाट और जगदीश मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों में भव्य महाआरती का आयोजन होगा। 19 मार्च को मुख्य समारोह और सांस्कृतिक संध्या होगी। मुख्य समारोह में लाभार्थियों के साथ संवाद और लाभ हस्तांतरण होगा। शाम को भारतीय लोक कला मण्डल में सांस्कृतिक संध्या सजेगी और शहर के प्रमुख चौराहों व सरकारी कार्यालयों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा।
युडीए में हुई बैठक, तैयारियों को दिया अंतिम रूप
राजस्थान स्थापना दिवस समारोह 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर के निर्देशन में शुक्रवार को उदयपुर विकास प्राधिकरण सभागार में युडीए अध्यक्ष राहुल जैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें विकसित राजस्थान रन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मैराथॉन के दौरान रूट की साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था आदि को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। मैराथॉन के भव्य आयोजन एवं इसमें अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा 16 मार्च से 19. मार्च तक टाउनहॉल में लाइव प्रसारण कार्यक्रम की समुचित व्यवस्था करने, 18 मार्च को मांजी का घाट पर प्रस्तावित संध्या आरती के लिए सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था, 19 मार्च को लोक कला मण्डल, उदयपुर में प्रस्तावित सांस्कृतिक संध्या से जुड़ी व्यवस्थाएं आदि पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अब तक की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, बड़गांव उपखण्ड अधिकारी लतिका पालीवाल, नगर निगम उपायुक्त दिनेश मंडोवरा सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद
हैंडपंप की जांच के लिए उपखण्ड एवं पंचायत स्तर पर समितियां गठित
उदयपुर, 13 मार्च। आगामी ग्रीष्म ऋतु 2026 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने आदेश जारी कर खराब पड़े हैंडपंपों के तत्काल सर्वे और मरम्मत के लिए विशेष कमेटियों का गठन किया है।
आदेशानुसार पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए उपखण्ड और ग्राम स्तर पर समितियां बनाई गई हैं। उपखण्ड स्तरीय में संबंधित उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता शामिल होंगे। वहीं ग्राम स्तरीय कमेटी में संबंधित ग्राम विकास अधिकारी और पटवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्वे और मरम्मत की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए एक गूगल शीट भी जारी की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सर्वे और मरम्मत का विवरण नियमित रूप से इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करें। गठित कमेटियों को 3 दिन के भीतर सर्वे कार्य पूरा कर खराब हैंडपंपों को चिन्हित करना होगा। इसके पश्चात, चिन्हित किए गए हैंडपंपों की मरम्मत 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाएगी ताकि आमजन को राहत मिल सके।
भार वाहनों के कर जमा कराने की अंतिम तिथि 15 मार्च
16 मार्च से बकाया कर वाहनों की होगी धरपकड़
उदयपुर, 13 मार्च। भार वाहनों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक कर जमा कराने की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 है। 15 मार्च 2026 तक कर जमा नहीं करवाने वाले यात्री एवं भार वाहनों में बकाया कर वसूली के लिए परिवहन विभाग द्वारा 16 मार्च 2026 से विशेष अभियान चलाया जाएगा।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ज्ञानदेव विश्वकर्मा ने बताया कि अभियान के लिए सात उड़नदस्तों का गठन किया गया है जो 24 घण्टे गश्त पर रहेंगे। अभियान के दौरान बकाया कर वाले वाहनों की मौके पर ही जब्ती की कार्यवाही की जाकर जुर्माने सहित कर वसूला जाएगा। कर वसूली के लिए कार्यालय अवकाश के दिनों में भी खुले रहेंगे। किसी भी आवश्यक सहयोग के लिए कार्यालय के समस्त कार्मिक उपस्थित रहेंगें। इसी तरह बीएच सीरीज के वाहनों यथा कार एवं दुपहिया वाहन जिनका द्विवार्षिक कर बकाया हो गया है, उन पर भी प्रतिदिन 100 रुपये की पेनल्टी आरोपित है। अतः ऐसे वाहन स्वामी भी अपने वाहन का बकाया कर अविलम्ब जमा करवाएं। जो वाहन टीआरसी (अस्थायी पंजीयन प्रमाण-पत्र) पर संचालित हो रहे है, उनके संचालन अवैद्य मानते हुए जब्ती की कार्यवाही की जावेगी। ऐसे वाहनों का अविलम्ब पंजीयन करवाया जाना सुनिश्चित करें।
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प्रथम पेंशन अदालत 27 अप्रैल को
उदयपुर, 13 मार्च। राजकीय सेवाओं से सेवानिवृत्त/सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों / कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण प्रस्तुत करने में आ रही समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण के लिए पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग, जयपुर के निर्देशानुसार उदयपुर संभाग स्तर पर प्रथम पेंशन अदालत 27 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त निदेशक, पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग (क्षेत्रीय कार्यालय, उदयपुर) द्वारा किया जाएगा।
कोषाधिकारी, उदयपुर डॉ प्रीति वर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव महोदय के निर्देशानुसार यह प्रथम पेंशन अदालत मुख्य रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पारिवारिक पेंशनर्स ( विधवा/ तलाकशुदा / अविवाहित पुत्री / दिव्यांग व्यक्तियों ) के समस्याओ के समाधान हेतु आयोजित की जाएगी। पेंशन प्रकरणों की अधिकता को देखते हुए विशेष रूप से शिक्षा विभाग के प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी ।
परिवेदना आवेदन प्रपत्र में सम्बंधित कोष / उपकोष कार्यालय उदयपुर, संयुक्त निदेशक, प्रारंभिक / माध्यमिक कार्यालय उदयपुर में व्यक्तिशरू, डाक अथवा कोष कार्यालय, उदयपुर (ग्रामीण) के ई-मेल आइडी टीओरूरल.युडीए.आरजे एड एनआईसी.इन पर 25 मार्च तक प्रस्तुत किया जा सकते हैं। पेंशन अदालत में पेंशन प्रकरणों की सुनवाई संभाग स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी सम्मिलित रहेंगे ।
जनजाति छात्रावास व आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू
उदयपुर, 13 मार्च। जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 22026-27 के लिए विभागीय छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार विद्यार्थी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
जारी कार्यक्रम के अनुसार जनजाति छात्रावास व आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल 21 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका हैं, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए विद्यालय स्तर पर प्रवेश परीक्षा का आयोजन 24 मार्च 2026 को किया जाएगा तथा परीक्षा के प्राप्तांक 26 मार्च तक पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इसी प्रकार खेल छात्रावासों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों का चयन ट्रायल 24 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित होगा और ट्रायल में प्राप्त अंकों को भी 26 मार्च तक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद 30 मार्च 2026 को ऑनलाइन वरीयता सूची जारी कर छात्रों को छात्रावास अथवा आवासीय विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा।
प्रथम सूची के चयनित विद्यार्थियों को 1 से 4 अप्रैल 2026 तक संबंधित छात्रावास या आवासीय विद्यालय में रिपोर्टिंग कर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। रिक्त पदों की स्थिति में 7 अप्रैल 2026 को द्वितीय सूची जारी की जाएगी, जिसके बाद 7 से 9 अप्रैल 2026 तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। छात्र-छात्राएं अधिकतम पांच विद्यालय या छात्रावास के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।
जिला स्तरीय जनसुनवाई 19 को
उदयपुर, 13 मार्च। आमजन की परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण को लेकर त्रिस्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था के तहत जिला स्तरीय जनसुनवाई माह के तृतीय गुरुवार 19 मार्च को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में राजस्थान संपर्क आईटी केंद्र एवं कलक्ट्रेट मिनी सभागार में होगी। एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने सभी संबंधित अधिकारियों को जनसुनवाई में अपेक्षित सूचनाअें के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
