उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में पिंजरा तोड़ भागा तेंदुआ, डेढ़ घंटे तक दहशत 

वनकर्मियों के धरने पर होने से बंद था बायोलॉजिकल पार्क, घटना के समय एक भी पर्यटक नहीं था और इसकी वजह से टला हादसा, ट्रेकुलाइज कर वापस पिजरे में डाला

उदयपुर। यहां सज्जनगढ़ स्थित बायलॉजिकल पार्क के इनक्लोजर (पिंजरे) से एक तेंदुआ बाहर निकल गया। इसके चलते डेढ़ घंटे तक दहशत का माहौल बना रहा। कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रेकुलाइज कर वापस पिंजरे में डाला गया। वनकर्मियों के अपनी 15 सूत्री मांगों के चलते बायोलॉजिकल पार्क का मुख्य गेट बंद था, जिसके चलते तेंदुआ बाहर बस्ती की ओर से नहीं आ पाया और हड़ताल के चलते बायोलॉजिकल पार्क में पर्यटकों का आवाजाही भी बंद थी।
मिली जानकारी के अनुसार बायोलॉजिकल पार्क के अंदर हॉस्पिटल में स्थित पिंजरे से एक तेंदुआ निकला और बाहर खुले में घूमने लगा। इसका पता जैसे ही वनकर्मियों तथा अस्पताल के कर्मचारियों को लगा तो एकबारगी उनके हाथ—फैल फूल गए। घटना के समय वनकर्मियों की हड़ताल की वजह से एक भी पर्यटक पार्क में नहीं था। ऐसा नहीं होने हादसा टल गया। वनकर्मियों ने तेंदुए को रेस्क्यू करना जारी रखा। बायोलॉजिकल पार्क के डॉक्टर हंस कुमार जैन तथा डॉ. करमेन्द्र प्रताप सिंह ने लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद झाड़ियों में छिपे तेंदुए को ट्रेकुलाइज करने में सफलता हांसिल कर ली। जिसे बाद में दूसरे एनक्लोजर में डाला गया। इसके बाद वन अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। बताया गया कि जिस पिंजरे में तेंदुआ बंद था, उसका एक सरिया शायद ढीला हो गया था। पैंथर ने हाथ—पैर मारकर उसे तोड़ दिया और उससे बाहर निकलने में कामयाब हो गया।

By Udaipurviews

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