यदि सही ढंग से चला जाए तो प्यादा भी वजीर बन सकताःसाध्वी संयमलता

उदयपुर। सेक्टर 4 श्री संघ में विराजित श्रमण संघीय जैन दिवाकरिया महासाध्वी डॉ श्री संयमलताजी म. सा.,डॉ श्री अमितप्रज्ञाजी म. सा.,श्री कमलप्रज्ञाजी म. सा.,श्री सौरभप्रज्ञाजी म. सा. आदि ठाणा 4 के सानिध्य में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए महासती संयमलता ने कहा की तथ्य यह है कि हम नहीं करते न कि हम नहीं कर सकते। महत्व इसका नहीं है कि हमारे पास कितना है महत्व वास्तव में इसका है कि जो हमारे पास है, हम उसका क्या कर रहे हैं। जो कुछ हमारे पास है उसे हम बदल नहीं सकते, लेकिन उस तरीके को सचमुच बदल सकते हैं जिससे हम उसका उपयोग कर रहे हैं।
यदि सही ढंग से चला जाए तो प्यादा भी वजीर बन सकता है। महासती कमलप्रज्ञा ने सुखविपाक सूत्र का वाचन करते हुए कहा स्वाध्याय परम तप है। शास्त्र पढ़ने से एवं श्रवण करने से मन पर लगा मेल धूल जाता है। अपने दिन की शुरुआत मोबाइल और अखबार से नहीं आगम और ध्यान से करें। जो सुबह उठते ही प्रभु का स्मरण करता है उसका निश्चित ही सुमरण होता है। दोपहर में बाल संस्कार शिविर का आयोजन हुआ जिसमें भारी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। बच्चों को संस्कारवान बनाना ही हमारा लक्ष्य है।

By Udaipurviews

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