उदयपुर। हास्य योग केन्द्र के संस्थापक गुरू जितेन कोही ने कहा कि शरीर से निगेटिव एनर्जी को निकालने के लिये नेचुरल हंसना बहुत आश्वयक है। हास्य एक सुन्दर टेबलेट से जिसे हर व्यक्ति को प्रतिदिन लेनी चाहिये ताकि शरीर आजीवन निरोगी रहें। नेचुरल हंसने से शरीर को शुगर एवं ब्लड प्रेशर लेवल नियंत्रित रहता है। सम्रारोह में अतिथि के रूप में लायन्स डिस्ट्रिक्ट 3233 ई-2 पूर्व मल्टी कोन्सिल चेयरमैन अरविंद शर्मा भाग लेंगे।
वे आज 1 अक्टूबर से स्पेक्ट्रम रिसोर्ट में प्रारम्भ हो रहे 4 दिवसीय हास्य योग सम्मेलन में भाग लेने आये है। हिरणमगरी से. 11 स्थित प्रणिता तलेसरा के निवास पर आयी महिलाओं व पुरूषों के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुरूषों की तुलना में महिलायंे अधिक हंसती है और टेंशन कम लेती है। कैंसर रोगियों को ठीक करने के लिये वे अस्पताल जा कर उनका सेशन भी लेते है। कैंसर मरीज कैंसर से कम और उसकी टेंशन से अधिक मरते है। इस भागमभाग की जिंदगी हम रोने के लिये नहीं वरन् हंसने के लिये आये है। हंसो रूको हंसो, जीवन में यह प्रक्रिया प्रतिदिन करने से हर व्यक्ति निरोगी रहेगा।
कार्यक्रम समन्वयक प्रणिता तलेसरा ने बताया कि हास्य योग केन्द्र द्वारा आयोजित किये जा रहे इस 4 दिवसीय हास्य योग महासम्मेलन का उद्घाटन दोपहर 2 बजे होगा। उपहार 2 बजे से होगा। शाम को हास्य योग एवं संास्कृतिक कार्यक्रम आयोजन होगा। 2 अक्टूबर को बाकी अन्य दिनांें में शिविर प्रातः 6 लेकर 6.30 तक हास्य योग शिविर,वाटर योग एवं आयुर्वेद पर सेमिनार 3 को हास्य योग एवं संास्कृतिक कार्यक्रम तथा एवं 4 अक्टूबर को हास्य योग एवं उसके पश्चात समापन समारोह आयोजित हांेगा।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से दिल्ली, लखनऊ, गुड़गांव, अहमदाबाद, बिहार, रांची, रायपुर, बिलासपुर, पुणे, हैदराबाद से 500 साधक भाग लेंगंे। गुरू जितेन कोही ने बताया तीन प्रकार की हंसी होती है राजसिक, तामसिक और सात्विक। आमतौर पर हम केवल मनोरंजन के लिए हसंते हैं, यह राजसिक हंसी हैं। या हम दूसरों को नीचा दिखाने के लिए उनके उपर हंसते हैं, यह तामसिक हास्य है। विकास से साथ बच्चों जैसी मधुर, निर्मल हंसी गायब हो रही है, और यही है हास्य योग या सात्विक हंसीं।
गुरू जितेन कोही ने बताया कि हास्य योग केवल हंसना ही नहीं सिखाता, बल्कि आपको विभिन्न मानसिक और शारीरिक बीमारियों में भी लाभ देता है। जीवन की आपा धापी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते मानसिक बीमारियां बढ़ रही है। यानी मन संबंधी रोग और इन मानसिक बीमारियों का सर्वाेत्तम और सरल और सस्ता और सुंदर उपाय है हंसी लेकिन महानगर की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम हंसना भूल रहे हैं। उदयपुर में चार दिन तक चलने वाले इस हास्य योग सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से आए प्रतिनिधि लोगों को हंसना सिखाएंगे। हास्ययोग, योग, एक्यूप्रेशर, आयुर्वेद इत्यादि विषयों पर अपने विचार देंगे। विपिन गुप्ता ने बताया कि इस तरह का कार्यक्रम उदयपुर में पहली बार होने जा रहा है। प्रतिवर्ष होने वाले इस हास्ययोग के महाकुंभ में यह 11 वां अवसर है।
हास्य एक सुन्दर टेबलेट है जिसे प्रतिदिन सभी को लेना चाहिये,जीवन निरोगी रहेगाः गुरू जितेन कोही
