झोपड़ी में रहने वाले बाबूलाल खराड़ी कैसे बने भजनलाल सरकार में कैबिनेट मंत्री, जानें वजह

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

सुभाष शर्मा
उदयपुर, 30 दिसम्बर: राजस्थान के भजनलाल सरकार में कैबिनेट मंत्री बने बाबूलाल खराड़ी की कहानी बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक है। झोपड़ी में रहने वाले बाबूलाल खराड़ी ने अपनी मेहनत और सादगी के दम पर राजनीति में ऊंची पहुंच हासिल की।
बाबूलाल खराड़ी के परिवार में दो पत्नियां हैं, और दोनों साथ रहती हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उनके बेटे देवेन्द्र खराड़ी और प्रदुम्न खराड़ी फिलहाल खेती का काम करते हैं। बाबूलाल के पास एक ट्रैक्टर और एक स्कॉर्पियो गाड़ी है, लेकिन वे आज भी केलूपोश मकान में रहते हैं और उनका अपना पक्का मकान नहीं है। हालांकि, उनके इस सादगीपूर्ण जीवन को लेकर भाजपा के कई बड़े नेता उनकी तारीफ कर चुके हैं, जिनमें पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और प्रदेश प्रभारी विजया राहटकर शामिल हैं।
राजनीतिक सफर की शुरुआत और संघर्ष
बाबूलाल खराड़ी का राजनीतिक करियर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड कार्यवाहक रह चुके हैं और विधायक बनने से पहले एक निजी स्कूल में शिक्षक के तौर पर काम करते थे। इसके बाद, वे वनवासी कल्याण परिषद द्वारा संचालित स्कूलों के सुपरवाइजर भी बने थे। उनकी मेहनत और सादगी को देखते हुए भाजपा ने उन्हें 1987 में कोटड़ा मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष बनाया, जो उनके राजनीतिक सफर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
चुनाव में संघर्ष और सफलता
बाबूलाल खराड़ी ने 1995 में पहली बार जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ा, और 2000 में वे कोटड़ा के प्रधान बने। हालांकि, 1998 में विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2003 में भाजपा ने फिर से उन पर विश्वास जताया और वे विधायक बने। इसके बाद 2008 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2013 में मोदी लहर में भी वे चुनाव हार गए।
2018 में भाजपा ने उन्हें फिर से टिकट दिया, और इस बार वे विजयी हुए। 2021 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक चुना गया, और 2023 में भाजपा ने उन्हें झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र से छठी बार प्रत्याशी बनाया, जहां उनके खिलाफ भारी विरोध के बावजूद वे चौथी बार विजयी हुए।
झाड़ोल में मंत्री पद का सफर
झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र के नेताओं के लिए यह हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा कि उन्हें विपक्ष में बैठना पड़ा। लेकिन करीब 20 वर्षों बाद, पहली बार झाड़ोल विधायक के पक्ष में सरकार और मंत्री पद मिला। बाबूलाल खराड़ी ने अपनी कड़ी मेहनत और सादगी से राजनीति में यह मुकाम हासिल किया।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!