समारोह के दौरान कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज से उत्सव में चार चाँद लगा दिए। हेमा जोशी ने ‘पिया तोसे नैना लागे रे’, एच. काज़ी ने ‘रंग बरसे’, और राज कुमार बापना ने ‘होली खेले रघुवीरा’ जैसे सदाबहार गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं सी. पी. जैन ने ‘रंग और नूर की बारात’, दिलीप वर्मा ने ‘होली के दिन दिल खिल जाते हैं’ और सुषमा वर्मा ने ‘मोहे रंग दो लाल’ की शानदार प्रस्तुति दी। अन्य कलाकारों में विजया आमेटा, के. एस. सरदालिया, रतन पालीवाल और हर्षवृंदा दीक्षित ने भी होली के विभिन्न गीतों पर अपनी प्रस्तुति देकर वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
इस अवसर पर डॉ. चन्द्र प्रकाश चितौड़ा की चाक स्टिक से निर्मित भक्त प्रह्लाद की जीवनी की लघु पुस्तिका का अनावरण मुख्य अतिथि विनोद जोशी ने किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोज के साथ हुआ, जिसमें सभी सदस्यों ने मिल-जुलकर रंगों के इस पर्व की खुशियाँ साझा कीं।
