भीलवाड़ा। सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के सफल और भव्य आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सनातन समाज की सभी जाति–बिरादरी की मातृशक्ति की विशेष बैठक हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित की गई। बैठक में मातृशक्ति ने प्राण–प्रण से महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का अभूतपूर्व संकल्प लिया बैठक का वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा और सेवा भाव से ओत-प्रोत रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति ने एक स्वर में कहा कि यह महोत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, संस्कार और एकता का महापर्व है। सभी ने तन-मन से सेवा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। आश्रम में महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई तथा मातृशक्ति को उनके सामर्थ्य और रुचि के अनुसार अलग-अलग सेवा दायित्व सौंपे गए। पोथी कलश यात्रा, भव्य शोभायात्रा, भोजन व्यवस्था, अतिथि सत्कार, प्रसाद वितरण, सजावट, अनुशासन व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उत्साहपूर्वक ग्रहण की गई। इस अवसर पर श्री पंचमुखी दरबार के महंत श्री लक्ष्मण दास त्यागी ने आपने उद्बोधन में कहा कि इस आयोजन के सूत्रधार महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन का कहना है कि किसी भी धार्मिक आयोजन की आत्मा मातृशक्ति होती है। उनके सहयोग, समर्पण और संस्कारों के बिना कोई भी आयोजन पूर्ण नहीं हो सकता। मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से यह महोत्सव निश्चित ही भव्य, अनुशासित और प्रेरणादायी बनेगा। बैठक के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह को सनातन समाज की एकता, श्रद्धा और सेवा भाव का प्रतीक बनाते हुए नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनाया जाएगा। मातृशक्ति के उत्साह और संकल्प से यह स्पष्ट है कि धर्मनगरी में आयोजित होने वाला यह महोत्सव ऐतिहासिक आयाम स्थापित करेगा। मातृशक्ति बैठक में सुरेश गोयल, पल्लवी वच्छानी, चांदमल सोमानी ने अपने विचार व्यक्त किए, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। संचालन खुशबू शुक्ला ने किया।
मातृशक्ति की ऐतिहासिक बैठक सम्पन्न, सनातन मंगल महोत्सव को भव्य बनाने का लिया संकल्प
