हर घर परिंडा घर घर परिंडा

मैं एक पक्षी हूं आसमान की ऊंचाइयों को छूना एवं चहकना मेरी फितरत है मैं एक बेजुबान पक्षी भी हूं उड़ता आसमान में हूं मगर दाना पानी के लिए मुझे आना पृथ्वी पर ही पड़ता है इस चिलचिलाती धूप में प्यास लगना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है मुझे अपनी प्यास बुझाने के लिए आपके छत पर या गलियारी में ही पानी पीना पड़ता है।

यह है बेजुबान पक्षी के मन की बात-हम सभी को उनके मन की बात को समझते हुए एक मुहिम (हर घर परिंडा) को साकार करना है इसके लिए आप सभी से निवेदन है कि सभी अपने छत एवं गलियारों पर पानी का परिंडा अवश्य रखें /इसी क्रम में दिनांक 14मई मंगलवार प्रातः 9:00 बजे सूरजपोल चौराया पर परिंडा वितरण का एक भव्य कार्यक्रम रखा गया है जिसमें सभी शहर वासियों के लिए निशुल्क परिंडे वितरण किए जाएंगे आपसे सिर्फ यह गुजारिश है कि वहां से परिंडा प्राप्त कर अपने घर पर उसमें पानी भर कर रखिए जिससे बेजुबान पक्षी अपनी प्यास बुझाकर तृप्त हो सके। पक्षियों के परोपकार हेतु इस मुहिम का हिस्सा अवश्य बने। पूर्व में भी चलाई गई इस मुहिम से आप सभी के सहयोग द्वारा कई पक्षियों ने अपनी प्यास बुझाई उनको इस गर्मी में अपने परिंडे से पानी पीते देख एक सुखद अनुभव की प्राप्ति होती है एक बार पुनः निवेदन है कि आप सभी इस मुहिम का हिस्सा अवश्य बने ।

By Udaipurviews

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