सेंट एंथोनी स्कूल में शतरंज प्रशिक्षण शिविर का शानदार समापन

प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और मेडल से किया गया सम्मानित
उदयपुर। आईसीआईसीआई फाउंडेशन और “चेस इन स्कूल” कार्यक्रम के तहत इंडियन चेस स्कूल के संस्थापक एवं प्रमुख प्रशिक्षक श्री प्रफुल्ल झावेरी के नेतृत्व में उदयपुर में एक विशेष शतरंज प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रफुल्ल झावेरी सर की शतरंज के प्रति निस्वार्थ समर्पण और दूरदृष्टि के कारण यह कार्यक्रम संभव हो पाया, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इंटरनेशनल और ग्रैंडमास्टर स्तर का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सेंट एंथोनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल , आईसीआईसीआई फाउंडेशन और “चेस इन स्कूल” कार्यक्रम के इस प्रयास से यह स्पष्ट है कि उदयपुर में शतरंज खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। प्रशिक्षण शिविर और इसकी कार्यप्रणाली इस विशेष प्रशिक्षण शिविर को शहर के सेंट एंथोनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को बैच के रूप में विभाजित कर अलग-अलग स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह और टूर्नामेंट का आयोजन शिविर के समापन अवसर पर एक विशेष टूर्नामेंट का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। इस टूर्नामेंट में विभिन्न श्रेणियों में मुकाबले हुए, जहां प्रतिभागियों ने अपनी रणनीति और क्षमता का बेहतरीन परिचय दिया। समापन समारोह में विजेताओं को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही सभी प्रतिभागियों को उनके स्तर के पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विलियम डिसूजा, प्रिंसिपल, सेंट एंथोनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने इस आयोजन को हर संभव सहयोग प्रदान किया। इसके अलावा, इंटरनेशनल आर्बिटर विकास साहू, सचिव, चेस इन लेकसिटी ने अपनी प्रशासनिक और संगठनात्मक कुशलता से कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रशिक्षण शिविर के मुख्य कोच और मार्गदर्शक इंटरनेशनल आर्बिटर,नेशनल इंस्ट्रक्टर निलेश कुमावत रहे, जिन्होंने अपनी उच्च स्तरीय कोचिंग से खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया और उनके खेल में निखार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
 जिन्हें शतरंज की बुनियादी से लेकर उन्नत तकनीकों तक प्रशिक्षित किया गया। यह शिविर न केवल तकनीकी रूप से खेल को बेहतर करने के लिए था बल्कि खिलाड़ियों को मानसिक मजबूती, रणनीतिक सोच और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में भी मददगार साबित हुआ।
                  शतरंज को बढ़ावा देने की पहल इस आयोजन की सफलता पर आयोजकों ने कहा कि उदयपुर में शतरंज को बढ़ावा देने के लिए यह एक बड़ा कदम था। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को न केवल खेल में दक्ष बनाया गया बल्कि उनके आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती को भी विकसित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए, आयोजकों ने घोषणा की कि भविष्य में भी इस तरह के शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे उदयपुर के अधिक से अधिक छात्र शतरंज के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकें। आयोजकों ने यह भी बताया कि शहर में शतरंज की लोकप्रियता को देखते हुए इस तरह के और भी शिविर जल्द ही शुरू किए जाएंगे।
By Udaipurviews

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