मेवाड़ में रामाश्रय’ नवीन रागात्मक शैली का भव्य आयोजन संपन्न

– नौ प्रतिभाशाली बालिकाओं का “जय भवानी” के उद्घोष के साथ तलवार भेंट कर किया सम्मान
– मेवाड़ जनशक्ति दल उदयपुर एवं सुविवि का संयुक्त आयोजन

उदयपुर, 24 मार्च। मेवाड़ जन शक्ति दल एवं उर्दू विभाग, मोहन लाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “रामाश्रय – नवीन रागात्मक शैली” का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम प्रभु श्रीराम को समर्पित रहा, जिसमें भक्ति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेवाड़ जनशक्ति दल के संस्थापक नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तेरह वर्षीय उदीयमान गायिका डॉरिस शर्मा रहीं, जिनके मधुर स्वरों में “ठुमक चलत रामचंद्र” भजन का नवीन रागात्मक शैली में लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही अंकित चौहान द्वारा हनुमान चालीसा तथा कपिल पालीवाल द्वारा स्वरचित श्रीराम स्तुति का लोकार्पण भी हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतीकात्मक रूप से हनुमानजी को समर्पित रही। विशिष्ट अतिथियों में मेवाड़ महामंडलेश्वर हितेश्वरानंद सरस्वती महाराज, पूर्व महापौर रवीन्द्र श्रीमाली, अतुल चंडालिया एवं स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत मेवाड़ जन शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल पालीवाल, संगठन संस्थापक नरेश शर्मा एवं मुख्य संरक्षक धीरेंद्र सच्चान द्वारा किया गया। शास्त्रीय नृत्यांगना झलक भट्ट ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद डॉरिस शर्मा का परिचय एवं आशीर्वाद वीडियो प्रदर्शित किया गया। समस्त भजनों का संगीत संयोजन एवं रिकॉर्डिंग झलकप्रिया स्टूडियोज में किया गया, जिसके संस्थापक चैतन्य भट्ट हैं। इस अवसर पर महामंडलेश्वर हितेश्वरानंद सरस्वती महाराज द्वारा चैतन्य भट्ट एवं कपिल पालीवाल का विशेष स्वागत भी किया गया।
“जय सियाराम” के उद्घोष के साथ सभी अतिथियों द्वारा डॉरिस के भजन का आधिकारिक लोकार्पण किया गया। तत्पश्चात डॉरिस ने “श्री रामचंद्र कृपालु भज मन” भजन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इसके उपरांत कपिल पालीवाल ने अपनी स्वरचित श्रीराम स्तुति एवं शब्दाभिषेक का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नौ प्रतिभाशाली बालिकाओं का पगड़ी पहनाकर एवं “जय भवानी” के उद्घोष के साथ तलवार भेंट कर सम्मान किया गया। ये बालिकाएं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कर चुकी हैं। कार्यक्रम के समापन में नवीन शैली में हनुमान चालीसा का प्रस्तुतीकरण किया गया। अंत में संगठन के मुख्य संरक्षक सीए कर्तव्य शुक्ला ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन भक्ति, कला एवं संस्कृति के अद्वितीय समन्वय का सशक्त उदाहरण रहा, जिसमें उपस्थित सभी जनों के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।

By Udaipurviews

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