उदयपुर। श्रमणसंघीय जैन दिवाकर महासाध्वी डॉ. संयमलताश्रीजी,साध्वी डॉ.अमितप्रज्ञाश्री, साध्वी कमलप्रज्ञाश्री,साध्वी सौरभप्रज्ञाश्री,म.सा. आदि ठाणा 4 का आज उदयपुर में भव्य विशाल रैली एंव गगनभेदी जयकारों के साथ सुन्दरवास जैन स्थानक में प्रवेश हुआ।
मंगलाचरण एवं विभिन्न स्त्रात पाठ के पश्चात धर्मसभा को संबोधित करते हुए महासाध्वी डॉ. संयमलताश्री ने कहा कि मेवाड़ शूरवीरों की भूमि है। भक्ति,शक्ति,त्याग,बलिदान,प्रेम एवं सौहार्द्ध की भूमि है। इस भूमि में रहकर हमारंे भीतर भी भक्ति,त्याग और प्रेम के पूल निर्मित हो।
साध्वी ने कहा कि अकेले हम बूंद है,मिल जायें तो सागर है। अकेले हम धागा है और मिल जायें तो चादर है। अकेले हम कागज है और मिल जायें तो किताब है। अकेले हम शब्द है और मिल जायें तो रचना है।
साध्वी डॉ.अमितप्रज्ञा, साध्वी कमलप्रज्ञाश्री,साध्वी सौरभप्रज्ञा ने संत आते है महावीर का संदेश ले कर…गीतिका के माध्यम से सभी को धर्म से जुड़ने का आव्हान किया। हिरणमगरी से. 4 महिला मण्डल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। से. 4 के संस्थान के मंत्री राजेश सामर,सुंदरवास संघ अध्यक्ष विनोद पोखरना, कंाफ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष निर्मल पोखरना, ने अपने विचार व्यक्त किये। चातुर्मास संयोजक ललित लोढ़ा ने स्वागत एवं अरूण बया ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में से. 4 श्रीसंघ,चातुर्मास व्यवस्था समिति 2024,महिला मण्डल,बहु मण्डल,युवा मण्डल, सुंदरवास श्रीसंघ का योगदान रहा।
डॉ. संयमलताश्रीजी आदि ठाणा-4 का हुआ भव्य मंगल प्रवेश
