150 से अधिक कुलपति करेंगे शिरकत
स्वदेशी, आर्थिक देश भक्ति और तकनीकी राष्ट्रवाद के माध्यम से आत्म निर्भरत भारत
विषय पर करेंगे मंथन
उदयपुर 16 मार्च / देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को स्वदेशी सोच, आर्थिक राष्ट्रवाद और तकनीकी आत्मनिर्भरता के साथ नई दिशा देने के उद्देश्य से राजस्थान विद्यापीठ एवं एसोसिएशन ऑफ इंडियन युनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को ‘‘ स्वदेशी, आर्थिक देश भक्ति और तकनीकी राष्ट्रवाद के माध्यम से आत्म निर्भर भारत ’’ विषय पर दो दिवसीय वेस्ट जोन वाइस चांसलर सम्मेलन का आयोजन एग्रीकल्चर महाविद्यालय के सभागार में किया जायेगा।
समारोह की जानकारी देते हुए हुए कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने बताया कि सम्मेलन का शुभारंभ प्रातः 10.30 बजे मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े करेंगे। विशिष्ठ अतिथि लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रो. मंजु बागमार, प्रधानमंत्री के वित्तीय सलाहकार प्रो. गौरव वल्लभ, महासचिव डॉ. पंकज मित्तल, कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर होंगे । एआईयू के अध्यक्ष और छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक अध्यक्षीय उद्बोधन देंगे।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार, आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता के विकास और राष्ट्र निर्माण में विश्वविद्यालयों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। देशभर से आने वाले अतिथियों का स्वागत राजस्थानी परंपरा और पारंपरिक आतिथ्य के साथ किया जाएगा।
18 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उदयपुर में
दो दिवसीय वेस्ट जोन वाइस सम्मेलन के समापन सत्र समारोह में करेगें शिरकत
एआईयू महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने एआईयू द्वारा किए जाने वाले कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि समापन समारोह 18 मार्च को दोपहर 01 बजे आयोजित किया जायेगा। समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी, विशिष्ठ अतिथि शिक्ष संस्कृति उत्थन न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अनुल कोठारी, राजेन्द्र सिंह शेखावत होंगे।
उन्होने बताया कि वर्ष 1925 में स्थापित एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज देश की प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थाओं में से एक है जो उच्च शिक्षा नीति, शोध, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा विश्वविद्यालयों और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करती है। वर्तमान में एआईयू के साथ भारत सहित विदेशों के भी कुल मिलाकर लगभग 1150 विश्वविद्यालय जुड़े हुए हैं।
अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि एआईयू के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विशेष व्याख्यान होंगे, जिनमें गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा भारतीय शिक्षा और राष्ट्र निर्माण पर अपने विचार रखेंगे, जबकि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी स्वदेशी शिक्षा दर्शन के विषय पर व्याख्यान देंगे।
आयोजन सचिव प्रो. युवराज सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यापीठ की मेजबानी में पहली बार आयोजित हो रही कान्फ्रेंस में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, तेलंगाना के 150 से कुलगुरू ऑफलाईन व 160 से अधिक ऑफलाईन शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं तथा प्रतिनिधियों और मेहमानों के उदयपुर पहुंचने का क्रम शुरू हो चुका है।
उद्योग और विश्वविद्यालयों के बीच संवाद : सम्मेलन के पहले दिन शाम को एडटेक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के बीच एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन शिक्षण और नई तकनीकों के उपयोग पर विचार विमर्श होगा। इसके बाद एआईयू सदस्य विश्वविद्यालयों द्वारा अपनी श्रेष्ठ शैक्षणिक और अनुसंधान प्रथाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। दिन का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज के साथ होगा।
आर्थिक देशभक्ति पर विशेष सत्र : सम्मेलन के दूसरे दिन 18 मार्च को “आर्थिक देशभक्ति से आर्थिक स्वदेशीकरण” विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा करेंगी। इस सत्र में कौशल्या द स्किल यूनिवर्सिटी अहमदाबाद के कुलपति प्रो. एस. पी. सिंह, कृष्णा विश्व विद्यापीठ कराड महाराष्ट्र की कुलपति प्रो. नीलम मिश्रा तथा जीएसएफसी यूनिवर्सिटी वडोदरा के कुलपति प्रो. जी. आर. सिशा अपने विचार रखेंगे। इस दौरान आर्थिक राष्ट्रवाद, स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने और विश्वविद्यालयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।
