जिंक प्रतिभा ऑनलाइन टैलेंट हंट के लिए निःशुल्क रजिस्ट्रेशन प्रारंभ, 28 फरवरी अंतिम तिथि

उदयपुर। विश्वविख्यात तबला वादक पंडित चतुरलाल की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों की श्रृंखला के अंतर्गत,  हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड  के सहयोग से, पंडित चतुरलाल मेमोरियल सोसाइटी  द्वारा ‘जिंक प्रतिभा’ ऑनलाइन टैलेंट हंट का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष पहल भारतीय शास्त्रीय एवं लोक संगीत की उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इस टैलेंट हंट में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क है। पाँच वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागी अपनी एक मिनट की वीडियो प्रविष्टि भेजकर पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है तथा अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।
पंजीकरण के पश्चात प्रतिभागियों को ऑडिशन राउंड से गुजरना होगा, जो 2 से 3 मार्च 2026 तक प्रतिष्ठित जजों के पैनल द्वारा आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता की जूरी में पद्म भूषण एवं ग्रैमी पुरस्कार विजेता च्ंदकपज टपेीूं डवींद ठींजज, प्रख्यात कथक गुरु ळममजंदरंसप स्ंस, तबला आचार्य च्ंदकपज ब्ींतंदरममज ब्ींजनत स्ंस, तथा सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक युगल त्पजमेी ंदक त्ंरदपेी डपेीतं शामिल हैं। जज पैनल प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेगा। ऑडिशन के बाद एलिमिनेशन राउंड, सेमीफाइनल एवं फाइनल चरण आयोजित किए जाएंगे।
हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने कहा कि जिंक प्रतिभा टैलेंट हंट एक ऐसा मंच है, जिसके माध्यम से आसपास के गांवों और छोटे कस्बों की प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान जिंक सदैव प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और सामाजिक-सांस्कृतिक विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। ऐसे आयोजन कलाकारों को सीखने, सिखाने और आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस पहल के महत्व पर बात करते हुए पंडित चतुरलाल महोत्सव की कलात्मक निदेशक श्रुति चतुर लाल शर्मा ने कहा, “राजस्थान में असंख्य प्रतिभाएँ हैं, जिन्हें उचित मंच की आवश्यकता है। जिंक प्रतिभा के माध्यम से हम इन्हें सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं।”
पंडित चतुरलाल महोत्सव के संस्थापक पंडित चरनजीत चतुर लाल ने कहा कि टैलेंट हंट के वर्चुअल स्वरूप से राजस्थान के किसी भी कोने से कलाकारों के लिए भाग लेना आसान हो जाएगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क है तथा विजेताओं को उदयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित पंडित चतुरलाल महोत्सव में प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!