उदयपुर 20 मार्च। पंचकर्म चिकित्सा पद्धति में बढ़ते रुझान को देखते हुए आरोग्य समिति राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिंधी बाजार उदयपुर में 19 वें निःशुल्क पांच दिवसीय पंचकर्म चिकित्सा शिविर का शुभारंभ सोमवार को हुआ। इस अवसर पर आयुर्वेद विभाग उदयपुर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ प्रधुम्न राजौरा ने शिविर का अवलोकन किया एवं की गई व्यवस्थाओ को सराहा। इस अवसर पर आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. बद्रीनारायण मीणा व सहायक निदेशक डॉ. सत्येन्द्र सिंह भदोरिया भी साथ थे। प्रभारी एवं वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ शोभालाल औदीच्य ने बताया कि शिविर में जोड़ो का दर्द, माइग्रेन, साइटिका, अवस्कुलर, नेक्रोसिस, एडी में दर्द, बालों की समस्या का उपचार के लिए 110 रोगियों का रजिस्ट्रेशन किया गया। चिकित्सा शिविर में डॉ.शोभालाल औदिच्य, डॉ शैलेन्द्र शर्मा, डॉ संतोष कुमारी दमानी, डॉ आकाश जैन, कम्पाउण्डर कंचन डामोर, कन्हैया लाल नागदा, नर्स इंदिरा डामोर, वंदना शक्तावत, सेफाली पारगी, रीना मेघवाल, तारा चौबीसा रुक्मणी गायरी, गरिमा मीणा, परिचारक गजेन्द्र आमेटा दुर्गाशंकर गमेती सेवाएं दे रहे हैं।
विश्व जल दिवस पर जिला स्तरीय कार्यशाला 22 को
उदयपुर 20 मार्च। विश्व जल दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 22 मार्च सुबह 11.30 बजे से जिला परिषद सभागार में होगा। कार्यशाला में विभिन्न जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भाग लेंगे। यह जानकारी जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक ने दी।
राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना 2019
वंचित कृषक 31 मार्च से पहले योजना का ले सकते है लाभ
उदयपुर 20 मार्च। राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना 2019 की ऋण माफी योजना में वंचित कृषक 31 मार्च से पहले योजना का लाभ ले सकते है।
बैंक के प्रबन्ध निदेशक आलोक चौधरी ने बताया कि राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना 2019 जिसमें ऋण प्राप्त करने वाले कृषकों का 30 नवंबर .2018 को बकाया फसली ऋण सरकार द्वारा माफ किया था, उसका योजना पोर्टल 31 मार्च को बंद होने जा रहा है। जिन किसानों ने राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना 2019 की ऋण माफी योजना का फायदा प्राप्त नहीं किया है, वे तुरंत संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति में संपर्क कर ऋण माफी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है। चौधरी ने बताया कि अभी भी जिले में 1092 कृषकों ने योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर पंजीयन करा लिया है परन्तु आधार सत्यापन नहीं करवाया है। उक्त सभी कृषक अपनी संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति में उपस्थित होकर अपना आधार सत्यापन कराते हुए ऋण माफी का लाभ ले सकते है। जिन किसानों की मृत्यु हो चुकी है, उनके वारिसों को ऋण माफी का लाभ दिया जायेगा।
