तीन चरण कार्यक्रम की श्रृंखला की शुरूआत 1 मार्च को आदिनाथ विधान से होगी
उदयपुर। समग्र जैन समाज की ओर से श्री मेवाड़ जैन युवा संस्थान द्वारा ’जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर, युग सृष्ठा भगवान श्री ऋषभदेव का जन्म एवम् तप कल्याणक महोत्सव प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ’प्रथमेश 2026’ वृहद् रूप से मनाया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम को तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है ।
संस्थान के अध्यक्ष निर्मल मालवी ने बताया कि प्रथम चरण में संस्थान एवम् श्री अखिल भारतवर्षीय युवा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 1 मार्च को प्रातः 8 बजे हिरणमगरी से. 3 स्थित श्री नेमिनाथ जिनालय में पंडित सम्राट शास्त्री के निर्देशन में ’श्री आदिनाथ विधान’ का आयोजन किया जायेगा, जिसमें प्रभु का अभिषेक, पूजन विधान द्वारा उनके गुणों की संस्तुति की जाएगी।
द्वितीय चरण के अंर्तगत आगामी 8 मार्च को श्री आदेशवर रिवेरा ग्रुप की ओर से ’भगवान ऋषभदेव एवं 24 तीर्थंकर के जीवन चरित्र पर प्रश्नोत्तर, सांस्कृतिक कार्यक्रम’ का मंचन उदयपुर नगर के पाठशाला के विद्यार्थियों के लिए प्रातः 9 बजे आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजक अरुण लुणदिया, मनोज चम्पावत,सम्राट शास्त्री ने बताया कि सभी विद्यार्थियों को आकर्षक पुरुस्कार एवम् शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। उसी दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में सुखाड़िया रंगमंच टाउन हॉल में शाम को ’एक शाम ब्राह्मी सुंदरी के नाम’ भव्य नृत्य नाटिका एवम् भक्ति संध्या आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम संस्थान के महिला प्रकोष्ठ की श्रीमती अंजना गंगवाल, मंजू गदावत ज्योत्स्ना जैन ,अर्चना चित्तौड़ा, कविता सापड़िया,उषा कुणावत एवं समस्त महिला मंडल द्वारा आयोजित किया जाएगा।
संस्थान के संरक्षक पारस सिंघवी ने बताया कि आगामी 12 मार्च गुरुवार को ’नगर निगम प्रांगण’ में ’ध्वजारोहण’ के साथ मुख्य कार्यक्रम की शुरूआत होगी। शोभायात्रा संयोजक जैन युवा परिषद् के राजेश गदावत, जितेंद्र जोलावत, भूपेन्द्र मुंडफोड़ा ने बताया कि इस वर्ष एक अनुठा आयोजन होगा जिसमें श्री जिनेंद्र प्रभु का रथ, हाथी, घोड़े, बग्गियों, बैंड, ढोल सहित शहर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा सहित आचार्य संघ-आर्यिका संघ 51 से अधिक पिछीधारी संतों का संघ श्रावक- श्रविकाओ का समूह प्रभु भक्ति में प्रस्थान करेंगे।
संस्थान के कार्याध्यक्ष शांतिलाल गांगावत ने बताया कि यह जुलूस ’टाउन हॉल से प्रारंभ होकर सूरजपोल चैराहा, झीनीरेत,मार्शल चैराहा,मंडी की नाल,देहलीगेट,बापू बाजार, होते हुए टाउन हॉल में सम्पन्न होगा। इस शोभायात्रा में महिला प्रकोष्ठ से श्रीमती लीला कुर्दिया, सुशीला कारवां ,अर्चना पटवारी,रेखा लोलावत,संगीता गोददोत ,निर्मला सोनी आदि के सहयोग से 20 से अधिक जीवंत झांकी, महिला मंडल के घोष, प्रभु के जन्मोत्सव की बधाई का गायन,वादन करते हुए चलेंगे। शोभायात्रा के समापन के पश्चात नगर निगम प्रांगण ,टाउन हॉल’ में धर्म सभा का आयोजन होगा जिसमें समाज प्रमुख श्रेष्ठियों द्वारा प्रभु का चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन अलंकरण समारोह आदि मांगलिक क्रियाएँ सम्पादित होगी।
संस्थान के महामंत्री डॉ.राजेश देवड़ा व मंत्री गौरव गनोडिया ने बताया कि मंगलाचरण के उपरांत उदयपुर नगर में विराजित ’आचार्यकल्प 108 श्री पुण्यसागरजी ससंघ, आचार्य 108 श्री विहर्षसागरजी ससंघ,आचार्य 108 श्री मयंकसागरजी ससंघ, ’गणिनी आर्यिका 1.5 श्री सुप्रकाशमति माताजी संसघ ,गणिनी आर्यिका 105 श्री सुभूषणमति माताजी ,आर्यिका 105 श्री चैत्यमती जी ससंघ आर्यिका 105 श्री नमनश्रीजी ससंघ ,आर्यिका 105 श्री प्रसन्नमति माताजी’ की उपस्थित रहेगी। जिनके धर्मौपदेश से जनता लाभान्वित होगी।
संस्थान के कोषाध्यक्ष हेमन्द्र दामावत,अशोक गोड़दोत ने बताया कि कार्यक्रम के पश्चात सभी साधर्मी श्रावक-श्राविकाओं के लिये स्वामी वात्सल्य की व्यवस्था रखी जाएगी।
प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जन्म कल्याणक महोत्सव प्रथमेश का आयोजन 12 मार्च को
